कैसे बुझेगी उत्तराखंड के जंगलों की आग... वनकर्मियों के पास ज़रूरी उपकरण, कपड़े ही नहीं
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कैसे बुझेगी उत्तराखंड के जंगलों की आग... वनकर्मियों के पास ज़रूरी उपकरण, कपड़े ही नहीं

By News18 calender  23-Aug-2019

कैसे बुझेगी उत्तराखंड के जंगलों की आग... वनकर्मियों के पास ज़रूरी उपकरण, कपड़े ही नहीं

उत्तराखंड सरकार जिन जंगलों को देश का ऑक्सीजन टैंक कहते ही और इनके नाम पर केंद्र से ग्रीन बोनस की मांग करती रही है उसे बचाने के लिए वन विभाग सक्षम ही नहीं है या इसके कर्ता-धर्ता इसे लेकर गंभीर नहीं हैं. हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में कहा गया है कि राज्य के वनों को बचाने के लिए वनकर्मियों के पास अपनी सुरक्षा से लेकर आग बुझाने के लिए ज़रूरी उपकरण ही नहीं हैं. हाईकोर्ट में इस जनहित याचिका को स्वीकार कर लिया है और इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में शपथपत्र के साथ जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.
बता दें कि इस साल भी वनाग्नि से राज्य के जंगलों को भारी नुक़सान हुआ है और वन विभाग ने पिछले कुछ सालों की तरह वनाग्नि बुझाने में अक्षमता ज़ाहिर करते हुए हाथ खड़े कर दिए थे. बारिश शुरु होने के बाद ही जंगलों की आग बुझ सकी थी.

वकील संदीप तिवाड़ी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि वन विभाग पर वनों और वन्यजीवों को बचाने का दायित्व है लेकिन ज़मीन पर काम कर रहे कर्मचारियों के पास काम करने के लिए आवश्यक उपकरण है ही नहीं. इसके अभाव में विभाग का मूल काम प्रभावित हो रहा है.
याचिका में कहा गया है कि आग लगने के दौरान आग बुझाने के उपकरण, आग से बचाने वाले कपड़े  और सेटेलाइट फ़ोन जैसी सुविधाएं वनकर्मियों के पास हैं ही नहीं. याचिका में यह भी कहा गया है कि अगर किसी वन्य जीव का शिकार हो रहा है तो उसे बचाने के लिए बंदूक, जंगल में जाने के लिए स्पेशल ड्रेस, जूते जैसी चीज़ें भी वनकर्मियों को उपलब्ध नहीं हैं.

याचिका में मांग की गई है कि जो वनकर्मी वनों को बचाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं उनको अपना जीवन और वन्यजीवों, वनों को बचाने के लिए ज़रुरी उपकरण दिए जाएं. कोर्ट ने पूरे मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए राज्य व केन्द्र सरकार से जवाब मांगा है.

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