ट्रंप ने कहा – 'अगर मैं राष्ट्रपति होता, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता!'
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा,
"रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी फोन पर बातचीत बहुत अच्छी और उत्पादक रही। हमने ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई है। हम जल्द से जल्द पूर्ण युद्धविराम लागू करने और इस भयानक युद्ध को समाप्त करने के लिए काम कर रहे हैं। अगर मैं पहले से राष्ट्रपति होता, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता!"
ट्रंप ने आगे कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों ही इस युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बातचीत में शांति समझौते के कई बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसमें यह तथ्य शामिल था कि हजारों सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप और पुतिन के बीच लगभग 90 मिनट तक बातचीत हुई। इसके बाद रूस ने बयान जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने 30 दिनों तक यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले न करने पर सहमति दी है।
रूसी सरकार के बयान के मुताबिक,
"राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप के सुझाव का समर्थन किया कि रूस और यूक्रेन 30 दिनों के लिए ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोक देंगे। साथ ही, ब्लैक सी में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी चर्चा शुरू की जाएगी।"
युद्धबंदियों की अदला-बदली और अन्य शर्तें
रूस और यूक्रेन के बीच 19 मार्च को 175 युद्धबंदियों की अदला-बदली होगी। इसके अलावा, रूस में इलाज करा रहे 23 गंभीर रूप से घायल यूक्रेनी सैनिकों को भी उनके देश वापस भेजा जाएगा।
रूस ने युद्धविराम की शर्तों में यह भी जोड़ा कि 30 दिनों तक यूक्रेनी सेना का मूवमेंट स्थगित रहना चाहिए। इससे रूस को यह सुनिश्चित करने का अवसर मिलेगा कि युद्धविराम का गलत फायदा न उठाया जाए। इस बातचीत के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार यूक्रेन युद्ध को अस्थायी रूप से रोकने की सहमति जताई, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युद्धविराम से दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संघर्ष के मूल कारणों का समाधान भी आवश्यक है।
रूस ने पश्चिमी देशों से एक व्यापक सुरक्षा समझौते की मांग की है, जिसमें प्रमुख रूप से यूक्रेन को NATO में शामिल न करने की गारंटी शामिल है। यह ट्रंप और पुतिन के बीच इस साल की दूसरी बड़ी बातचीत थी। इससे पहले, ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के पांच दिनों बाद पुतिन सहित दुनिया के कई नेताओं से बातचीत की थी।
इसके बाद सऊदी अरब में हुई लंबी बातचीत के दौरान यूक्रेन और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते की नींव रखी गई थी। अब, पुतिन के ताज़ा बयान से संकेत मिलता है कि रूस भी शांति वार्ता के लिए तैयार है।
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