मछुआरों की हिरासत का मामला
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मालदीव की जेल में बंद 25 मछुआरों की रिहाई के लिए केंद्र सरकार से सहायता की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक पत्र लिखकर इस मामले में व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने का अनुरोध किया। ये मछुआरे, जो थूथुकुडी के निवासी हैं, को 13 अक्टूबर को मालदीव कोस्ट गार्ड द्वारा हिरासत में लिया गया था, साथ ही उनकी तीन नावें भी जब्त की गई थीं।
मुख्यमंत्री विजय ने पत्र में लिखा, "मैं आपसे आग्रह करता हूं कि इस मामले में उचित राजनयिक माध्यमों का उपयोग करके मालदीव सरकार के समक्ष अपनी बात रखें और मछुआरों तथा उनकी नावों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करें।"
व्यक्तिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता
सीएम विजय ने कहा कि यदि विदेश मंत्री जयशंकर इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करते हैं, तो इससे मछुआरे समुदाय का भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने कहा, "यदि आप इस मामले में सक्रिय रूप से आगे बढ़कर बात करेंगे, तो इससे प्रभावित परिवारों को और मछली पकड़ने वाले समुदाय को सुकून मिलेगा।"
यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में थलपति विजय ने जयशंकर को एक और पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा पकड़े गए 20 मछुआरों और 270 मछली पकड़ने वाली नावों की तत्काल रिहाई की गुहार लगाई थी।
मछुआरों की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
तमिलनाडु में मछली पकड़ने वाले मछुआरे अक्सर अधिक मछली पकड़ने के प्रयास में या भ्रमित होकर समुद्र में आगे बढ़ जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें श्रीलंकाई या मालदीवी कोस्ट गार्ड द्वारा गिरफ्तार किया जाता है। हालांकि, आपसी समन्वय के माध्यम से उन्हें बाद में वापस लाया जाता है।
मुख्यमंत्री विजय ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं तटीय मछली पकड़ने वाले समुदायों में गंभीर चिंता और भय का कारण बन रही हैं। रामनाथपुरम और उसके आसपास के जिलों के मछुआरे पारंपरिक रूप से पाक खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर हैं, और इन गिरफ्तारियों के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।





