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उत्तर प्रदेश: पंचायत चुनाव से पहले वार्डों की नई संरचना, 18 जुलाई से काम शुरू

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इस प्रक्रिया की शुरुआत 18 जुलाई से वार्डों के पुनर्गठन के साथ होगी।

उत्तर प्रदेश: पंचायत चुनाव से पहले वार्डों की नई संरचना, 18 जुलाई से काम शुरू
फोटो: उत्तर प्रदेश: पंचायत चुनाव से पहले वार्डों की नई संरचना, 18 जुलाई से काम शुरू
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इस प्रक्रिया की शुरुआत 18 जुलाई से वार्डों के पुनर्गठन के साथ होगी। जनसंख्या के आधार पर नए सिरे से वार्डों का निर्धारण किया जाएगा और आम लोगों से आपत्तियां भी आमंत्रित की जाएंगी। 13 अगस्त तक यह पुनर्गठन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को सभी विवरण भेजे जाएंगे।

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव: निदेशालय ने भेजा प्रस्ताव

पंचायती राज निदेशालय ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन हो चुका है, और अब अगला चरण वार्डों की नई संरचना तैयार करने का है। 22 जुलाई को वार्डों का प्रकाशन किया जाएगा, जिसके बाद 25 और 26 जुलाई को आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 13 अगस्त तक अंतिम रूप से वार्डों का गठन कर लिया जाएगा।

वार्डों की संख्या तय करने में जनसंख्या को आधार बनाया गया है। 1,000 की जनसंख्या पर नौ वार्ड, 1,001 से 2,000 की जनसंख्या पर 11 वार्ड, 2,001 से 3,000 के बीच जनसंख्या पर 13 वार्ड और 3,001 से अधिक जनसंख्या होने पर 15 वार्ड बनाए जाएंगे। फिलहाल 504 ग्राम पंचायतें घट चुकी हैं, जिससे अब कुल संख्या 57,695 ग्राम पंचायतों तक सीमित हो गई है। इन पंचायतों में पहले 7,31,811 वार्ड थे, लेकिन अब अनुमान है कि लगभग 4,608 वार्ड कम हो जाएंगे, जिससे संख्या घटकर 7.27 लाख रह जाएगी। क्षेत्र पंचायतों में भी 250 और जिला पंचायतों में 12 वार्डों की कमी संभावित है।

BLO घर-घर जाकर करेंगे गणना 

इस बार निर्वाचन प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि एक ही परिवार के सदस्य एक ही वार्ड में रहें। यदि वार्ड निर्धारण को लेकर किसी व्यक्ति को आपत्ति होती है, तो वह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष इसे दर्ज कर सकता है। यह समिति सभी आपत्तियों पर विचार कर उनका समाधान करेगी।  इसी के साथ राज्य निर्वाचन आयोग 18 जुलाई से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य भी शुरू कर रहा है। 14 अगस्त से बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) घर-घर जाकर मतदाताओं की गणना करेंगे। चूंकि यह काम वार्डों के पुनर्गठन के बाद ही शुरू किया जा सकता है, इसलिए सरकार 13 अगस्त तक इस प्रक्रिया को पूरी तरह से संपन्न कर लेने के लिए कटिबद्ध है।