हालांकि भारत ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज किया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि तनाव को कम करने की प्रक्रिया दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व खासकर डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) स्तर पर हुई संवाद के माध्यम से पूरी हुई थी। भारत ने यह भी साफ किया कि इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी।
भारत ने यह सीजफायर पहले की गई कड़ी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद घोषित किया था। 6-7 मई की रात भारतीय वायुसेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पीओके में स्थित नौ आतंकी शिविरों पर जबरदस्त एयर स्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई में कई आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया था।
ट्रंप के बयानों पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी का आरोप है कि ट्रंप कम से कम आठ बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच युद्ध को टाला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि यदि अमेरिकी दबाव के चलते युद्ध नहीं हुआ, तो यह भारत की संप्रभु विदेश नीति पर सवाल खड़ा करता है और यदि यह सच नहीं है, तो सरकार को ट्रंप के दावों को सार्वजनिक रूप से खंडन करना चाहिए।





