तहरीर में बताया गया है कि कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथी संत कुमार ने खुद को ब्राह्मण बताकर कथावाचन किया। आरोप है कि दोनों ने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी जाति और पहचान को छिपाया। जांच में सामने आया कि कथावाचक का असली नाम मुकुट सिंह यादव है और साथी का नाम संत सिंह यादव।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कथावाचकों ने धार्मिक आस्था के साथ धोखा किया और गाँववासियों को गुमराह किया। कथित फर्जी आधार कार्ड को सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपा गया है।
इससे पहले कथावाचक से मारपीट करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था। इस कार्रवाई को लेकर ब्राह्मण संगठनों ने नाराजगी जाहिर की थी और सवाल उठाया था कि जब पीटने वालों पर कार्रवाई हुई तो कथित छेड़छाड़ के आरोपी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अब दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





