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शशि थरूर की बदलती सियासी राय और भाजपा के साथ तस्वीर से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी? BJP कर चुकी है सराहना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल से लोकसभा सांसद शशि थरूर इस समय भारतीय राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही में उन्होंने अपने बयानों |

शशि थरूर की बदलती सियासी राय और भाजपा के साथ तस्वीर से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी? BJP कर चुकी है सराहना
फोटो: शशि थरूर की बदलती सियासी राय और भाजपा के साथ तस्वीर से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी? BJP कर चुकी है सराहना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल से लोकसभा सांसद शशि थरूर इस समय भारतीय राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही में उन्होंने अपने बयानों और गतिविधियों से सियासी हलकों में कई सवाल और अटकलों को जन्म दिया है। पिछले कुछ समय से, शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी केंद्र सरकार की कई योजनाओं और नीतियों की सराहना की है, जिससे उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ एक ही फ्लाइट में बगल-बगल बैठकर यात्रा कर रहे हैं। इस तस्वीर पर भाजपा नेता ने मजाकिया अंदाज में कैप्शन लिखा, "आखिरकार हम एक ही दिशा में चल पड़े हैं।" इसके बाद, भाजपा नेता ने इस सेल्फी को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मेरे मित्र और सहयात्री ने मुझे शरारती कहा जब मैंने कहा कि हम अब एक ही दिशा में यात्रा कर रहे हैं।" 

यह तस्वीर शशि थरूर के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख को लेकर अपनी आलोचना की थी, और बाद में अपनी राय बदलते हुए सरकार की कूटनीति की सराहना की। भाजपा ने शशि थरूर द्वारा भारत की रूस-यूक्रेन युद्ध पर कूटनीति की सराहना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी कूटनीति का समर्थन माना। भाजपा के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने शशि थरूर की इस स्वीकारोक्ति का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार हमेशा वह निर्णय लेती है जो भारत के सर्वोत्तम हित में होते हैं। यदि अन्य कांग्रेस नेता भी इस तथ्य को स्वीकार करते हैं, तो यह निश्चित रूप से राजनीतिक रूप से लाभकारी होगा।" शशि थरूर, जो मनमोहन सिंह की सरकार में विदेश राज्य मंत्री रह चुके हैं, ने एक बयान में कहा कि भारत की कूटनीति ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस और यूक्रेन दोनों देशों के साथ मजबूत और संतुलित रिश्ते बनाए रखने में मदद की। उन्होंने यह भी माना कि वह उन नेताओं में से थे जिन्होंने फरवरी 2022 में भारत के तटस्थ रुख की आलोचना की थी, और अब वह अपनी पुरानी राय पर पछताते हैं। 

 इस घटनाक्रम के बाद सियासी अटकलें और भी तेज हो गईं। शशि थरूर के इस बदलते रुख को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का माहौल है, और उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जाने लगी हैं। हालांकि, शशि थरूर ने इन अटकलों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उनका यह बयान एक भारतीय के रूप में था, न कि एक राजनेता के तौर पर। उनका कहना था कि उन्होंने केवल उस नीति की सराहना की है, जो देश के हित में थी, और इसे एक राजनीति से ऊपर उठकर देखा। इसके अलावा, शशि थरूर ने इससे पहले भी कई अवसरों पर केंद्र सरकार की सराहना की थी, जिससे उनकी स्थिति पर सवाल उठने लगे थे। 

 यह घटना न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक रुख को लेकर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि क्या वह भविष्य में कांग्रेस के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखेंगे या नहीं। उनकी इस तरह की गतिविधियों और बयानों से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें और भी बढ़ गई हैं, हालांकि उन्होंने इन सभी अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनके भाजपा में शामिल होने की संभावना को लेकर सियासी हलकों में अब भी कई सवाल खड़े हैं, जो आने वाले समय में और भी स्पष्ट हो सकते हैं।

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