मंदिर का प्रबंधन देखने वाले श्री शानेश्वर देवस्थान ट्रस्ट ने सफाई देते हुए कहा है कि यह कार्रवाई धार्मिक पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि अनुशासनहीनता और लंबे समय तक काम से अनुपस्थित रहने के कारण की गई है। ट्रस्ट के अनुसार, 8 जून और 13 जून को दो चरणों में यह बर्खास्तगी की गई।
ट्रस्ट के सीईओ गोरक्षनाथ दरंदाले ने बताया,
“शनि मंदिर देवस्थान में करीब 2400 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में कर्मचारी ऐसे हैं जो लंबे समय से काम पर नहीं आ रहे थे। उनकी सैलरी रोक दी गई थी और उन्हें कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया था। बर्खास्तगी पूरी तरह से अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत की गई है।”
देवस्थान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन कर्मचारियों को हटाया गया, वे मुख्य रूप से ट्रस्ट के कृषि, शिक्षा और प्रशासनिक विभागों में कार्यरत थे। इन कर्मचारियों में से कई पिछले 5 महीनों से ड्यूटी से गायब थे।





