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तीन राज्यों के वरिष्ठ नेता BJP से नाराज, नोटिस जारी कर पार्टी ने कसा शिकंजा

हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज और कर्नाटक में पार्टी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, राजस्थान सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल |

तीन राज्यों के वरिष्ठ नेता BJP से नाराज, नोटिस जारी कर पार्टी ने कसा शिकंजा
फोटो: BJP, Anil VIj
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने बागी नेताओं के खिलाफ ऐक्शन मोड में आ गई है। हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज और कर्नाटक में पार्टी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, राजस्थान सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और महाराष्ट्र की वरिष्ठ नेता पंकजा मुंडे पर भी पार्टी की पैनी नजर बनी हुई है। पार्टी नेतृत्व इन नेताओं की बगावती सुर को लेकर गंभीर है और अनुशासनहीनता पर सख्त कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं।

किरोड़ी लाल मीणा पर बीजेपी की कड़ी कार्रवाई


राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को 'फोन टैपिंग' का आरोप लगाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि मीणा के सार्वजनिक बयान से सरकार की छवि धूमिल हुई है। पार्टी ने उनके बयानों को असत्य करार देते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।

राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को 'फोन टैपिंग' का आरोप लगाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि मीणा के सार्वजनिक बयान से सरकार की छवि धूमिल हुई है। पार्टी ने उनके बयानों को असत्य करार देते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।

पंकजा मुंडे के बयान से बढ़ी सियासी हलचल


महाराष्ट्र सरकार में पर्यावरण मंत्री और दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे भी बीजेपी नेतृत्व के रडार पर हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था, "मेरे पिता गोपीनाथ मुंडे को चाहने वाले समर्थकों की संख्या इतनी है कि वे एक नया राजनीतिक दल बना सकते हैं।" इस बयान के बाद उनके पार्टी से अलग होने की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, बाद में उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने कर्नाटक के असंतुष्ट विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल को अनुशासनहीनता के लिए दूसरा कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यतनाल ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और उनके पिता, पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए थे। इससे पहले भी उन्हें नोटिस दिया गया था, लेकिन बावजूद इसके उन्होंने अनुशासनहीनता जारी रखी। बीजेपी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन बागी नेताओं से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो पार्टी इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकती है।

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