बीजेपी नेताओं की मांग – "नवरात्रि में मीट की दुकानें हो बंद"
बीजेपी विधायक रविंदर नेगी ने सुझाव दिया कि मीठी ईद पर केवल सेवइयां खाई जानी चाहिए और बकरे की बलि से बचना चाहिए। उनका कहना है कि "बकरा काटने की जरूरत नहीं है, हमें सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।"
वहीं, बीजेपी विधायक नीरज बसोया ने समर्थन जताते हुए कहा कि नवरात्रि के दौरान रिहायशी इलाकों में मीट की दुकानों को बंद किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि मीट विक्रेता जबरदस्ती व्यापार कर रहे हैं और कई बार गुंडागर्दी भी करते हैं।
बीजेपी सांसद योगेंद्र चंदौलिया ने कहा, "नवरात्रि त्योहार की गरिमा बनाए रखने के लिए मीट की दुकानें बंद रहनी चाहिए।" उन्होंने सुझाव दिया कि मीट विक्रेताओं को मंगलवार के दिन अपनी दुकानें बंद करने का विकल्प दिया जा सकता है।
विधायक अजय महावर ने खुली जगहों पर मांसाहारी भोजन की बिक्री और खाना पकाने पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा, "यह मीठी ईद है, बकरीद नहीं। हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।"
बीजेपी विधायक करनैल सिंह ने भी प्रशासन से नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद करवाने की अपील की। उन्होंने कहा, "हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन मीठी ईद में सेवइयां खाने की परंपरा है, न कि बकरे की बलि देने की।"
दिल्ली के बाद यह मुद्दा जम्मू-कश्मीर तक पहुंच गया है। बीजेपी के जम्मू-कश्मीर के विधायकों विक्रम रंधावा और अरविंद गुप्ता ने भी नवरात्रि के दौरान मीट और शराब की दुकानें बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि "धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और प्रशासन को इस पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।"





