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"पंजाब को नशामुक्त बनाना है" – लुधियाना में केजरीवाल ने बच्चों को दिलाई शपथ

लुधियाना में 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के |

"पंजाब को नशामुक्त बनाना है" – लुधियाना में केजरीवाल ने बच्चों को दिलाई शपथ
फोटो: "पंजाब को नशामुक्त बनाना है" – लुधियाना में केजरीवाल ने बच्चों को दिलाई शपथ
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने राज्य को नशे से मुक्त करने के लिए एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान का मकसद पंजाब के युवाओं को नशे की लत से बचाना और प्रदेश को इस गंभीर समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है। इसी कड़ी में बुधवार को लुधियाना में 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के हजारों कैडेट्स ने नशे के खिलाफ शपथ ली। इस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए।

नशे के खिलाफ पंजाब का संकल्प


इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पंजाब ने नशे को जड़ से खत्म करने का प्रण लिया है। उन्होंने कहा, "हमारे युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होना चाहिए। अगर वे नशे की चपेट में आ गए, तो पंजाब की आत्मा खत्म हो जाएगी। अब हम और इंतजार नहीं करेंगे। हर गली, हर गांव, हर शहर से नशे का सफाया करना ही हमारा लक्ष्य है।" केजरीवाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर भी लिखा कि पूरे पंजाब के छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों ने नशे को समाप्त करने का संकल्प लिया है। इस अभियान के तहत पंजाब सरकार राज्यभर में नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही है। सरकार का मानना है कि नशे की समस्या केवल कानून व्यवस्था से नहीं, बल्कि समाज के सहयोग से ही खत्म की जा सकती है। इसलिए इसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है।

केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पिछले एक महीने में नशे के खिलाफ ऐसे कठोर कदम उठाए गए हैं, जो पिछले 75 वर्षों में किसी भी सरकार ने नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को अब और तेज किया जाएगा और इस समस्या को खत्म करने के लिए गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, "हमने तय किया है कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म किया जाएगा। अब कोई भी व्यक्ति पंजाब में नशा नहीं बेच पाएगा और न ही कोई युवा इसकी चपेट में आएगा। हम इस बुराई को पंजाब से पूरी तरह उखाड़ फेंकेंगे।"

इससे पहले मंगलवार को केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि बुधवार से पंजाब के विभिन्न शहरों में नशे के खिलाफ पदयात्राएं शुरू की जाएंगी। इन पदयात्राओं के दौरान युवाओं को नशे से बचाने का संकल्प दिलाया जाएगा और उन्हें इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम सभी पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।" पंजाब सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस और प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इसीलिए, अब इसे जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है, ताकि हर नागरिक इस मुहिम का हिस्सा बने और पंजाब को नशे के अभिशाप से मुक्ति दिलाने में सहयोग करे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मौके पर कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और नशे के सौदागरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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