किसान नेता सुखदेव सिंह भोजराज ने जानकारी दी कि सिर्फ डल्लेवाल ही नहीं, बल्कि कई अन्य किसान नेताओं को भी नजरबंद या हिरासत में लिया गया है। बलदेव सिंह सिरसा, सुखजीत सिंह हरदो झंडे, कुलविंदर सिंह पंजोला, हरदेव सिंह चिट्टी, गुरप्रीत सिंह चीना, शेरा अठवाल और हरविंदर सिंह मसानिया जैसे प्रमुख नेताओं को अलग-अलग थानों जैसे बटाला, रोपड़, दोरांगला और सेखवां में रखा गया है।
"हमें न्याय मांगने पर सज़ा दी जा रही है"
डल्लेवाल ने 19 मार्च को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर हुए पुलिस एक्शन की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि उस दौरान किसानों के साथ बदसलूकी की गई, उनके ट्रैक्टर, ट्रॉलियां और निजी सामान जब्त कर लिए गए। उन्होंने दावा किया कि बाद में कुछ सामान सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े लोगों के घरों से मिला, जिनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल था। डल्लेवाल ने कहा, “हमने कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब जब हम न्याय की मांग कर रहे हैं, तो हमें ही गिरफ्तार किया जा रहा है।
किसान मजदूर संघर्ष समिति (KMSC) ने रविवार रात ऐलान किया कि 7 मई से अमृतसर-दिल्ली रेल लाइन पर देवीदासपुरा स्टेशन पर ‘रेल रोको’ आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसका मकसद भारतमाला हाईवे परियोजना के तहत कथित जबरन भूमि अधिग्रहण और उचित मुआवजा न मिलने के खिलाफ विरोध जताना है। KMSC के समन्वयक सरवन सिंह पंढेर ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानीं, तो 8 मई से यह आंदोलन फिरोजपुर, बस्ती टेंकन वाली और अन्य स्टेशनों तक फैल सकता है।





