जीतनराम मांझी ने बिहार विधानसभा चुनाव में 20 सीटों की मांग की है और कई बार अपने बयानों में गठबंधन को लेकर मतभेद भी व्यक्त किए हैं, लेकिन अंत में यह कहकर स्थिति को शांत कर लिया कि यह सब घर के अंदर सुलझ जाएगा।
मुलाकात की वीडियो में जेडीयू नेता ललन सिंह प्रधानमंत्री मोदी को एक किताब भेंट करते हुए दिखाई दे रहे थे, जो एक प्रतीकात्मक और सम्मानपूर्ण gesture था। इसके बाद, बीजेपी के दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर प्रधानमंत्री मोदी को पाग और मखाना की माला पहनाते हुए दिखे। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी को मधुबनी पेंटिंग की एक खूबसूरत कलाकृति भी भेंट की गई, जो बिहार की सांस्कृतिक धरोहर और कला को दर्शाता है। इसके बाद, वीडियो में एक समूह के रूप में 30 सांसद प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े दिखे, जो एनडीए की एकजुटता और मजबूत राजनीतिक आधार को दिखा रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हुए सांसदों में जेडीयू नेता ललन सिंह, उनके बगल में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, जेडीयू सांसद लवली आनंद, और बीजेपी के सांसद विवेक ठाकुर और गोपालजी ठाकुर थे। प्रधानमंत्री मोदी के दूसरी तरफ लोजपा-आर के नेता चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, और बीजेपी की राज्यसभा सांसद धर्मशिला गुप्ता भी नजर आ रहे थे। इस ग्रुप फोटो और वीडियो के माध्यम से एनडीए ने एकजुटता का संदेश दिया और यह साबित किया कि बिहार में गठबंधन की ताकत और समन्वय पहले से कहीं अधिक मजबूत है।
इस मुलाकात में बीजेपी के कई बड़े नेता भी शामिल थे, जिनमें केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, पूर्व मंत्री रवि शंकर प्रसाद, राधा मोहन सिंह, और राजीव प्रताप रूडी प्रमुख थे। इसके अलावा लोजपा से लोकसभा सांसद शांभवी चौधरी, राजेश वर्मा, और वीणा सिंह भी उपस्थित थे। इस मुलाकात ने यह संकेत दिया कि एनडीए में बिहार के विभिन्न हिस्सों और दलों से आने वाले नेताओं के बीच एक मजबूत संवाद और समन्वय बना हुआ है, जो आगामी राजनीतिक घटनाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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