‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किए जाने के बाद, पाकिस्तान ने बौखलाहट में आकर एक बार फिर कायरता की सारी हदें पार कर दी हैं। बुधवार देर रात जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी सैनिकों ने भारी गोलीबारी की और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। अधिकारियों के अनुसार, आधी रात के बाद करनाह सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और गोलों से हमला किया गया। यह हमला पूरी तरह बिना किसी उकसावे के किया गया, जिसका भारतीय सेना ने बेहद सधे और प्रभावी तरीके से जवाब दिया।
पाकिस्तानी गोलाबारी का सबसे दर्दनाक असर पुंछ जिले में देखने को मिला, जहां स्थानीय सिख समुदाय को निशाना बनाया गया। इस हमले में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें पूर्व सैनिक, धार्मिक सेवक और स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
सेना अधिकारियों के अनुसार, मारे गए लोगों में पूर्व सैन्य अधिकारी अमरजीत सिंह, स्थानीय दुकानदार अमरीक सिंह और रंजीत सिंह, तथा रूबी कौर शामिल हैं।
बताया गया कि अमरजीत सिंह एक गुरुद्वारे में ग्रंथी थे और तबला बजाकर कीर्तन करते थे, जबकि अमरीक सिंह भी धार्मिक सेवाओं से जुड़े हुए थे।
गोलाबारी के दौरान एक स्थानीय गुरुद्वारे ‘श्री गुरु सिंह सभा’ की दीवार को भी गंभीर नुकसान हुआ है। इस पर दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा,
"पाकिस्तान इतना कायर है कि वह हमारे मासूम नागरिकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है। मैं इस हमले की तीखी निंदा करता हूं और भरोसा दिलाता हूं कि भारत सरकार इस कायराना हरकत का माकूल जवाब देगी।"
घटना पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाना मानवता के खिलाफ अपराध है और इसकी निंदा हर स्तर पर की जानी चाहिए। पुंछ के जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य नरिंदर सिंह ने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि,
"पुंछ में कभी इतनी भीषण गोलीबारी नहीं देखी। यह हमला न केवल इंसानी जानों पर हमला है, बल्कि हमारी धार्मिक आस्था पर भी सीधा प्रहार है।"
स्थानीय समुदाय के अनुसार, पुंछ में करीब 25-30 हजार सिख रहते हैं, जो इस हमले के बाद गहरे सदमे और भय में हैं। लोगों ने सरकार से मांग की है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और पाकिस्तान को इस कायराना हरकत का करारा जवाब दिया जाए।





