सरकार और सीआरडीए के अधिकारियों ने क्या कहा
वाईएसआर कांग्रेस के दफ्तर को गिराने का निर्णय सही ठहराते हुए सरकार और सीआरडीए के अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का दफ्तर सिंचाई विभाग की जमीन पर बनाया जा रहा था, यानी भूमि कृषि योग्य थी। रेड्डी सरकार में कृषि योग्य जमीन को पट्टे पर लिया गया था। जिसके बदले मामूली रकम चुकाई गयी थी।
राजनीतिक बदले का आरोप
जून 2019 में जब वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जगमोहन रेड्डी ने सत्ता संभाली थी, तब उन्होंने भी इसी तरह तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर कार्रवाई की थी। जगनमोहन रेड्डी ने टीडीपी की सरकार के समय बने अमरावती स्थित प्रजा वेदिका कन्वेंशन हॉल को गिराने का आदेश दिया था। रेड्डी की सरकार ने प्रजा वेदिका को अवैध घोषित किया था। उस समय चंद्रबाबू नायडू ने रेड्डी की सरकार पर आरोप लगाया था कि उनके साथ राजनीतिक बदला लिया जा रहा है। वही बात अब जगनमोहन रेड्डी कह रहे हैं कि टीडीपी सरकार उनके साथ बदले की भावना से काम कर रही है। आरोप है कि कार्यालय का निर्माण सीआरडीए और नगर निगम की मंजूरी के बिना किया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने क्या कहा
जगन मोहन रेड्डी ने कार्यालय ध्वस्त किए जाने को लेकर टीडीपी के नेतृत्व वाली सरकार की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ' मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राजनीतिक प्रतिशोध का सहारा लिया है। एक तानाशाह ने हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी करते हुए वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के माध्यम से, नायडू यह संदेश दे रहे हैं कि उनका शासन अगले पांच वर्षों के लिए कैसा रहने वाला है। लेकिन पार्टी इन धमकियों और राजनीतिक प्रतिशोध के सामने नहीं झुकेगी।” रेड्डी ने देश की सभी लोकतांत्रिक ताकतों से चंद्रबाबू नायडू की सरकार द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की निन्दा करने की अपील की है।





