मुख्यमंत्री गुप्ता ने डीएम, एसडीएम और उप-पंजीयक कार्यालयों में ‘शिकायत और सुझाव पेटियां’ लगाने के भी निर्देश दिए। इन पेटियों में नागरिक अपनी लिखित शिकायतें जमा कर सकेंगे, जिनकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी शिकायत नजरअंदाज न हो और हर शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान सीएम गुप्ता ने जिलों में चल रही विकास परियोजनाओं और सेवाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर वास्तविक प्रगति सुनिश्चित करने और जनता के साथ संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया,
"हमारा उद्देश्य एक ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था बनाना है जो पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-हितैषी हो।"
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भविष्य में आयोजित होने वाली सभी जिला विकास समिति बैठकों में संबंधित विभागों के नामित अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। बिना किसी वैध कारण के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।





