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मायावती ने कार्यकर्ताओं से कहा: BSP केवल अपने कार्यकर्ताओं से ही चलती है, भाजपा की राजनीति को नकारा

हुजन समाज पार्टी BSP की प्रमुख मायावती ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और आर्थिक मजबूती हासिल करने के |

मायावती ने कार्यकर्ताओं से कहा: BSP केवल अपने कार्यकर्ताओं से ही चलती है, भाजपा की राजनीति को नकारा
फोटो: BSP, Mayawati, BJP
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और आर्थिक मजबूती हासिल करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इस मौके पर साफ तौर पर कहा, "हमारी पार्टी केवल अपने कार्यकर्ताओं से ही विभिन्न रूपों में धन प्राप्त करती है, जो पार्टी की गतिविधियों का संचालन करने के लिए जरूरी होता है। कांग्रेस, भाजपा और अन्य विपक्षी दलों की तरह बसपा बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों से आर्थिक सहायता नहीं लेती। हम अपने कार्यकर्ताओं पर पूरी तरह विश्वास करते हैं और यही हमारी पार्टी की ताकत है।" मायावती ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के सभी छोटे-बड़े पार्टी पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ आयोजित इस अहम बैठक में पार्टी के भीतर एक नई रणनीति तैयार करने पर जोर दिया, ताकि पार्टी के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाया जा सके। 

इसके साथ ही, उन्होंने पुराने तरीके से काम करने की बात की और पार्टी की कैडर आधारित संरचना को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। भा.ज.पा. सरकार पर हमला करते हुए मायावती ने कहा, "पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में कानून-व्यवस्था के नाम पर दमनकारी नीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे गरीब, मजलूम, बेसहारा और मेहनतकश लोग अकारण गिरफ्तार हो रहे हैं और उन्हें जेल में डाला जा रहा है। यह एक खतरनाक रुझान है, और सरकार को चाहिए कि वह इस स्थिति का तुरंत संज्ञान ले और संवेदनशीलता से काम करे।" उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वह संविधान और न्याय व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाए और अदालत की तरह निष्पक्ष व गंभीर होकर कार्य करे। 

मायावती ने सवाल उठाया, "विरोधियों के खिलाफ खासकर पुलिस की कार्रवाई को लेकर यह सवाल उठता है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज कहां है? क्यों सत्ताधारी नेताओं के हर जुर्म को नजरअंदाज किया जा रहा है? क्या इससे कानून-व्यवस्था में सुधार होगा?" मायावती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, "कांग्रेस, सपा और अब भाजपा की सरकारों का रवैया यह स्पष्ट करता है कि इनका दलित समाज और बहुजन समाज के प्रति प्रेम केवल एक चुनावी छलावा है, जो चुनावों के समय उभरता है।" उन्होंने यह भी कहा, "भा.ज.पा. के नेताओं से यह मांग की जाती है कि वे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रति अपने विरोधी बयान वापस लें और इस पर पश्चाताप करें। 

यह बसपा की पुरानी मांग है और इसे हम तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक वे अपने बयान को वापस नहीं लेते।" इसके साथ ही, मायावती ने यह भी कहा, "अब यह किसी के लिए कोई रहस्य नहीं रहा कि देश में दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़ों और खासकर मुस्लिम समुदाय के प्रति इन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों का जातिवादी और साम्प्रदायिक रवैया अब तक नहीं बदला है। ये दल चुनावों के समय इन समुदायों को लुभाने के लिए कुछ भी दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तविकता में इनका रुख हमेशा ही इनके प्रति नकारात्मक ही रहता है।" मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि पार्टी इस तरह के तमाम राजनीतिक चालों के खिलाफ लगातार संघर्ष करेगी और समाज के निचले तबके के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए अपना मिशन जारी रखेगी।

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