कोर्ट की खंडपीठ में जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस मोहम्मद सब्बार रशीदी शामिल थे। उन्होंने इस मामले की सुनवाई की और कहा कि चूंकि सीबीआई ने मामले की जांच की थी, इसलिए उनकी अपील को सुना जाएगा। मामला उस समय का है, जब 9 अगस्त 2022 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार हॉल में एक महिला डॉक्टर का बलात्कार किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद, मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने अगले दिन संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया।
निचली अदालत ने 20 जनवरी 2023 को संजय रॉय को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस फैसले के बाद, सीबीआई और राज्य सरकार दोनों ने इस सजा को हल्की मानते हुए कोर्ट में अपील दायर की थी और दोषी को मौत की सजा देने की मांग की थी। इस मामले को पहले कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा सीबीआई को सौंपा गया था। सीबीआई ने इस मामले में 7 अक्टूबर को आरोप पत्र दाखिल किया था और 4 नवंबर को संजय रॉय के खिलाफ आरोप तय किए थे।
सभी की नजरें अब इस पर हैं कि हाई कोर्ट इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और क्या संजय रॉय को मौत की सजा मिलती है। 27 जनवरी को दोनों अपीलों पर कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा था, और अब इस फैसले के बाद, यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
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