Molitics Logo
होम Income Tax Bill 2025: नया कर कानून जल्द लागू, जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव

Income Tax Bill 2025: नया कर कानून जल्द लागू, जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव

नए इनकम टैक्स बिल का मुख्य उद्देश्य करदाताओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना है। मौजूदा कानून की जटिल भाषा और अस्पष्ट कानूनी प्रावधानों के कारण कर मामलों में |

Income Tax Bill 2025: नया कर कानून जल्द लागू, जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव
फोटो: New tax law , Income Tax Bill
भारत में कर ढांचे को आधुनिक और सरल बनाने के उद्देश्य से Income Tax Act, 2025 संसद में पेश किया जाएगा। यह नया विधेयक छह दशक पुराने Income Tax Act, 1961 की जगह लेगा और इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। प्रस्तावित कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और इसका उद्देश्य टैक्स प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और अनुपालन में सुगम बनाना है।

विधेयक की विशेषताएं और लक्ष्य


नए इनकम टैक्स बिल का मुख्य उद्देश्य करदाताओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना है। मौजूदा कानून की जटिल भाषा और अस्पष्ट कानूनी प्रावधानों के कारण कर मामलों में अक्सर मुकदमेबाजी बढ़ जाती है। नया विधेयक सरल भाषा में तैयार किया गया है, जिससे करदाताओं को नियमों को समझने में आसानी होगी और विवादों की संख्या कम होगी। नए कानून में कुल 536 धाराएं, 16 अनुसूचियां और 23 अध्याय शामिल हैं। 

वर्तमान Income Tax Act, 1961 में जहां 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां थीं, वहीं नए विधेयक में इसे अधिक संगठित और विस्तृत बनाया गया है। मौजूदा कानून की तुलना में नए विधेयक का पृष्ठसंख्या 880 से घटाकर 622 पन्ने कर दी गई है, जिससे इसे अधिक संक्षिप्त और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है। एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि किसी व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) या व्यक्तियों के समूह के लिए अलग-अलग टैक्स गणना के बजाय, कर निर्धारण को सीधे टैक्स स्लैब के अनुसार लागू किया जाएगा।

महत्वपूर्ण कर छूट और सुधार


नए बिल में कुछ कर छूटों को बरकरार रखा गया है, जिससे करदाताओं को राहत मिलेगी। रक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों, आर्मी, पैरा फोर्स और अन्य सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी पर कर छूट जारी रहेगी। इसके अलावा, अग्निपथ योजना के तहत किए जाने वाले योगदान पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा, जैसा कि वर्तमान नियमों में लागू है। होम लोन, मेडिकल खर्च, भविष्य निधि (PF), उच्च शिक्षा ऋण, इलेक्ट्रिक वाहन और बीमा पर मिलने वाली कर छूट को भी इस नए कानून में यथावत रखा गया है।

आयकर की गणना और स्रोत पर कर कटौती


इस नए विधेयक के तहत आयकर, अधिनियम में उल्लिखित दरों के आधार पर वसूला जाएगा। प्रत्येक करदाता की कुल वार्षिक आय पर लागू होने वाले इनकम टैक्स की गणना की जाएगी। इसके अलावा, विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि स्रोत पर कर कटौती (TDS), अग्रिम कर भुगतान और अन्य कर संग्रह प्रावधानों का पालन इस अधिनियम के तहत किया जाएगा।  नए कानून में, किसी भी संपत्ति, इमारत या उससे जुड़े भूमि क्षेत्र से प्राप्त वार्षिक आय को "Income from House Property" की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, यदि कोई करदाता अपनी संपत्ति का उपयोग खुद के व्यवसाय या पेशे के लिए कर रहा है और उससे उत्पन्न आय पहले से ही कर के दायरे में आती है, तो उस पर अलग से यह कर नहीं लगेगा।

Read This Also:- महिलाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल: आंध्र प्रदेश सरकार की WFH योजना