आशीष पटेल ने अपने फेसबुक पर लिखा, "मीडिया और सोशल मीडिया पर मेरी राजनीतिक हत्या के लिए साज़िश के तहत निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। मेरे मंत्रित्व काल में प्राविधिक शिक्षा विभाग में वंचित वर्ग के कर्मचारियों के हितों की रक्षा के बारे में पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। सत्य को कोई आंच नहीं! माननीय मुख्यमंत्री जी अगर उचित समझें तो आरोपों की सीबीआई जांच करा लें। मैं तो यहां तक कहता हूं कि दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए मंत्री के रूप में मेरे सभी निर्णयों की भी सीबीआई जांच करा लें।"
उन्होंने आगे लिखा, "सबको पता है कि इसके पीछे कौन है। आगे और भी ऐसे आरोप लगेंगे। ऐसे झूठे आरोपों से डरने वाले कोई और होंगे। अपना दल (एस) वंचितों के हक़ की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा। एक बात और, सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए अपना दल (एस) माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में 2014 में एनडीए का हिस्सा बना था।"
पीएम मोदी के आदेश पर एक सेकेंड में छोड़ दूंगा मंत्री पद
मंत्री आशीष पटेल ने अपनी पोस्ट के अंत में दृढ़ता से कहा कि प्रधानमंत्री जी का जैसे ही आदेश मिलेगा, बिना एक सेकेंड की देरी के मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे देंगे। उनका कहना था कि वह सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें न पहले पद की लालसा थी, न अब है और न कभी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह हमेशा जनता की सेवा के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत उन पर पैसे लेकर प्रमोशन जैसे गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इन झूठे आरोपों से डरने वाले नहीं हैं और अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहेंगे।





