भारतीय उच्चायोग में जमा करने के लिए किया आवेदन
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए आधिकारिक आवेदन किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस आवेदन को मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के तहत जांचा जाएगा। जायसवाल ने कहा, "हमें यह जानकारी मिली है कि ललित मोदी ने वनुआतु की नागरिकता हासिल कर ली है। हालांकि, भारतीय कानून के मुताबिक हम उनके खिलाफ़ मामलों को कानून के दायरे में आगे बढ़ाते रहेंगे।"
ललित मोदी पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आईपीएल में वित्तीय अनियमितताओं, अनुशासनहीनता और कदाचार के गंभीर आरोप लगाए गए थे। साल 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हुई, तब ललित मोदी इसके पीछे मुख्य चेहरा माने जाते थे। उन्होंने क्रिकेट के टी20 प्रारूप में ग्लैमर और मनोरंजन का ऐसा मिश्रण दिया, जिसने आईपीएल को पूरी दुनिया में प्रसिद्ध कर दिया। हालांकि, साल 2009 में जब भारत में आम चुनाव होने थे, तब सुरक्षा कारणों से पूरे टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट कर दिया गया। वहां टूर्नामेंट के सफल आयोजन ने ललित मोदी की साख और ऊंची कर दी। लेकिन 2010 में आईपीएल के फाइनल के तुरंत बाद, बीसीसीआई ने ललित मोदी के खिलाफ अनुशासनहीनता, वित्तीय अनियमितता और कदाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया।
425 करोड़ के टीवी राइट्स घोटाले में फंसे ललित मोदी
आईपीएल के दौरान ललित मोदी पर आरोप लगे कि उन्होंने 2009 के सीजन में वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप (WSG) के साथ टीवी ब्रॉडकास्टिंग के अधिकार के लिए 425 करोड़ रुपये के सौदे में अनियमितताएं की। इसके अलावा, दो नई फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स और पुणे वॉरियर्स के लिए बोली में हेरफेर करने का भी आरोप लगा। बीसीसीआई ने इस मामले में एक आंतरिक जांच कमेटी गठित की, जिसने ललित मोदी को दोषी पाया और 2013 में उन पर आजीवन प्रतिबंध (Life Ban) लगा दिया गया।
इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा उल्लंघन और धोखाधड़ी के मामलों में ललित मोदी के खिलाफ जांच शुरू की। मई 2010 में ललित मोदी ब्रिटेन भाग गए और तब से वह भारत वापस नहीं लौटे। मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2015 में उनके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था।
भारत सरकार और प्रवर्तन निदेशालय ने कई बार ब्रिटेन सरकार से ललित मोदी के प्रत्यर्पण की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका। ललित मोदी ने हमेशा खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ की जा रही कानूनी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। हालांकि, ईडी और सीबीआई लगातार ललित मोदी के प्रत्यर्पण के लिए कोशिश कर रही थी। अब 14 साल से ब्रिटेन में रह रहे ललित मोदी ने प्रशांत महासागर में स्थित द्वीपीय देश वनुआतु (Vanuatu) की नागरिकता ले ली है। वनुआतु एक ऐसा देश है जहां कैपिटल इन्वेस्टमेंट इमिग्रेशन प्रोग्राम के तहत नागरिकता खरीदी जा सकती है।
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