हाल ही में हेमंत सोरेन हुए रिहा
हेमंत सोरेन 5 दिन पहले ही कथित जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रिहा हुए हैं। कोर्ट ने हेमंत के ख़िलाफ़ पुख़्ता सबूत न होने के चलते उन्हें रिहा कर दिया था। उनकी रिहाई के साथ ही झारखंड में राजनीतिक गरमाहट तेज़ हो गयी है। सीएम आवास पर बुधवार को इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई है। हेमंत सोरेन ने गिरफ़्तारी के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। इसके बाद हेमंत सोरेन के क़रीबी सहयोगी और मंत्री चंपाई सोरेन को राज्य का 12वां मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।
मंगलवार से ही सीएम चंपाई के कई कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है। ख़बरों के अनुसार सीएम चंपाई और हेमंत सोरेन के बीच बातचीत लगभग आधे घंटे तक चली है। इस मुलाक़ात को कई तरह से अहम माना जा रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी सीएम चंपाई से मिलने पहुंचे हैं। कुछ ही महीनों में झारखंड विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। वहीं जेल से रिहाई के बाद हेमंत सोरेन बीजेपी पर हमलावर होते हुए कई बार देखे गये है। कहा जा रहा है कि आगामी चुनावों में इंडिया गठबंधन और हेमंत सोरेन गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधेंगे।
आरोपों पर हेमंत सोरेन का पक्ष क्या था
हेमंत सोरेन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था। सोरेन के वकील का कहना था कि मनी लॉन्ड्रिंग सिर्फ एक बहाना है, बल्कि यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध का है। केंद्र ने उनके मामले में ईडी का दुरुपयोग किया। जिस व्हाट्सएप चैट में 8.86 एकड़ जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने की बात कही गयी, वह उस जमीन का था ही नहीं। पूरे केस ईडी केवल अनुमान के आधार पर चला रहा था।





