आरोप है कि ओएसएफ ने कई संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान की, लेकिन इस फंडिंग के इस्तेमाल में नियमों का पालन नहीं किया गया। ईडी की इस कार्रवाई पर अब तक ओएसएफ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
हंगरी मूल के अमेरिकी अरबपति निवेशक और कारोबारी जॉर्ज सोरोस लंबे समय से भारत की राजनीति और आर्थिक नीतियों पर टिप्पणियां करते रहे हैं। उन पर आरोप है कि वह अपने संगठन ओएसएफ के माध्यम से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हैं और सरकार विरोधी गतिविधियों को फंडिंग देते हैं।
2023 में अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद के दौरान भी जॉर्ज सोरोस की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। उन्होंने इस मामले पर बयान देकर भारतीय लोकतंत्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा था, जिससे बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
1999 में स्थापित ओपन सोसाइटी फाउंडेशन दुनिया भर में मानवाधिकार, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय से जुड़े कार्यों के लिए फंडिंग करता है। हालांकि, भारत में इस संगठन की गतिविधियों को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं।
सरकार की ओर से पहले भी विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के तहत कई संगठनों की विदेशी फंडिंग की जांच की गई है, जिसमें ओएसएफ से जुड़े कई संगठनों के वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई गई थी।
Read This Also:- Delhi: आप नेता सत्येंद्र जैन पर ACB का एक्शन, सीसीटीवी प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप
Read This Also:- Delhi: आप नेता सत्येंद्र जैन पर ACB का एक्शन, सीसीटीवी प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप





