अनिल विज की दावेदारी के बाद हरियाणा बीजेपी में कोई कलह न हो, इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्थिति को सँभालते हुए नज़र आए। उन्होंने कहा कि नायब सिंह सैनी ही हरियाणा में सीएम का चेहरा है। लेकिन अब राव इंद्रजीत सिंह ने सीएम पद का राग छेड़कर बीजेपी के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। इधर, चुनावी रुखों में सामने निकल कर आया है कि इस बार कांग्रेस अधिकांश सीटों पर बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती बनने जा रही है।
विज ने पद की दावेदारी पर क्या कहा
अनिल विज ने कहा कि उनके समर्थक अक्सर उनसे सवाल करते है कि इतने वरिष्ठ नेता के होने के बाद भी अभी तक वह प्रदेश के मुख्यमंत्री क्यों नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की मांगों को देखते हुए वह पार्टी के चुनाव जीतने के बाद बीजेपी हाईकमान के सामने समर्थकों की मांगों को रखेंगे। इसके साथ ही हाईकमान से कहेंगे कि अगर वह प्रदेश के मुख्यमंत्री बन जाते हैं तो हरियाणा का चेहरा ही बदल कर रख देंगे। अब इसे लेकर बीजेपी में चर्चे शुरू हो गए है कि आखिर अनिल विज ने चुनाव से पहले ऐसा बयान क्यों दिया।
वहीं, हरियाणा विधानसभा चुनाव में अहीरवाल बेल्ट की 12 सीटों पर कमान संभाल रहे राव इंद्रजीत ने कहा कि यदि पार्टी उन्हें सीएम का पद ऑफर करती है, तो वह स्वीकार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि वह जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है। बहराल, बीजेपी के लिए यह स्थिति थोड़ी असहज करने वाली हो सकती है। एक तरफ राव इंद्रजीत सिंह खुद को काबिल मान रहे है। तो दूसरी तरफ़ अनिल विज वरिष्ठता के आधार पर दावेदारी पेश कर रहे है।
ग़ौरतलब है कि बीजेपी लगता है कि जाट बहुल सीटों पर पार्टी को जीत मुश्किल से ही हासिल हो सकती है। यही कारण है कि सीटों का संतुलन बनाने और बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने के लिए अहीरवाल बेल्ट पर राव की भूमिका को एक बड़े एसेट के तौर पर देखा जा रहा है।





