इस फैसले के बाद दिलीप जायसवाल ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी का सिद्धांत है कि एक व्यक्ति को एक ही पद पर रहना चाहिए। इसलिए, मैं आज मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं और अब इस पद को छोड़कर भाजपा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाऊंगा।" उन्होंने यह भी बताया कि मंत्री पद से इस्तीफा देने का निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने पार्टी के सिद्धांतों का पालन किया।
इस्तीफा देने के बाद दिलीप जायसवाल ने अपनी कार्यशैली पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में हर कदम ईमानदारी से उठाया और उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्हें एक ईमानदार मंत्री के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा विभाग में सुधार लाने की कोशिश की है और राजस्व विभाग में डिजिटलाइजेशन के तहत लगभग 14 करोड़ पन्नों को डिजिटल रूप में बदलवाया है। यह मेरी ईमानदारी का प्रमाण है कि जब तक मैं मंत्री रहा, विभाग ने अपने कार्यों को पारदर्शिता और ईमानदारी से अंजाम दिया।"
उन्होंने यह भी कहा कि उनका यह कदम राज्य में एक सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा करता है और वह हमेशा पार्टी और जनता की सेवा में प्रतिबद्ध रहेंगे।
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