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यूक्रेन को बड़ा झटका! 'अमेरिका ने आंखें दिखाईं, रूस ने ताली बजाई', ट्रंप-जेलेंस्की की भिड़ंत पर आई प्रतिक्रिया

रूस ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के बीच हुई तीखी झड़प पर खुलकर खुशी।

यूक्रेन को बड़ा झटका! 'अमेरिका ने आंखें दिखाईं, रूस ने ताली बजाई', ट्रंप-जेलेंस्की की भिड़ंत पर आई प्रतिक्रिया
फोटो: Ukraine, America, Russia
रूस ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के बीच हुई तीखी झड़प पर खुलकर खुशी जताई। क्रेमलिन ने इस घटना को मॉस्को के लिए एक तोहफा बताया, क्योंकि यह ज़ेलेंस्की की छवि को कमजोर करने और ट्रंप प्रशासन के साथ रूस के संबंध सुधारने के उसके प्रयासों में मददगार साबित हो सकता है। पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने ज़ेलेंस्की पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें "एक जोरदार तमाचा" मिला है। उन्होंने कहा कि ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यूक्रेनी नेता पर अमेरिका के प्रति असम्मानजनक रवैया अपनाने का आरोप लगाया था।

‘ओवल ऑफिस में करारी हार’


रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर लिखा, "ओवल ऑफिस में ज़ेलेंस्की की क्रूर तरीके से बेइज्जती की गई।" वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि ट्रंप और वेंस ने बहस के दौरान ज़ेलेंस्की पर शारीरिक हमला नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ज़ेलेंस्की उसी हाथ को काट रहे हैं, जिसने उन्हें सहारा दिया था। रूस लंबे समय से ज़ेलेंस्की को अमेरिका की कठपुतली बताता रहा है। मॉस्को का दावा है कि वह आत्ममुग्ध और अस्थिर नेता हैं, जिन्हें अमेरिका अपने हितों के लिए इस्तेमाल कर रहा है। दूसरी ओर, ज़ेलेंस्की इस दावे को खारिज करते हुए कहते हैं कि वह अपने देश को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं और अपने पश्चिमी सहयोगियों की मदद से रूस के खिलाफ डटे हुए हैं।

'चुनाव के बिना तानाशाह'


यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच तेजी से बढ़ती नजदीकियां कहीं उनके हितों के खिलाफ न चली जाएं। पश्चिमी देशों को डर है कि ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कोई ऐसा गुप्त समझौता हो सकता है, जो ज़ेलेंस्की को हाशिए पर डाल दे और यूक्रेन की सुरक्षा को खतरे में डाल दे। पुतिन पहले ही यह कह चुके हैं कि ज़ेलेंस्की अब वैध नेता नहीं हैं, क्योंकि उनका पांच साल का कार्यकाल पिछले साल समाप्त हो चुका है। यूक्रेन में फरवरी 2022 में युद्ध छिड़ने के बाद से मार्शल लॉ लागू है, जिसके चलते वहां चुनाव नहीं हो सके। पिछले हफ्ते, ट्रंप ने भी पुतिन के बयान को दोहराते हुए ज़ेलेंस्की को "चुनाव के बिना तानाशाह" कहा।

व्हाइट हाउस में ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच हुए इस टकराव ने यूक्रेनी राष्ट्रपति को और अधिक अकेला और कमजोर बना दिया है। बीते तीन वर्षों से चले आ रहे इस युद्ध में यूक्रेन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा दी गई सैन्य सहायता पर बहुत अधिक निर्भर रहा है। क्रेमलिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई मार्कोव के अनुसार, ओवल ऑफिस में हुई यह झड़प ज़ेलेंस्की के राजनीतिक करियर के अंत को तेज कर सकती है। कुछ रूसी अधिकारियों का मानना है कि ज़ेलेंस्की के जाने के बाद रूस के लिए शांति समझौता करना आसान हो जाएगा। रूसी संसद के ऊपरी सदन के उपाध्यक्ष कोंस्टेंटिन कोसाच्योव ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि व्हाइट हाउस में हुई बहस ने ज़ेलेंस्की के असली चेहरे को उजागर कर दिया है।

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