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नाराज़गी के बीच शशि थरूर ने कांग्रेस को दिखाए अपने बग़ावती तेवर, BJP के मंत्री की जमकर तारीफ़

शशि थरूर ने एक अखबार में छपी खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें मोदी सरकार के मंत्री पीयूष गोयल, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और केरल विधानसभा में |

नाराज़गी के बीच शशि थरूर ने कांग्रेस को दिखाए अपने बग़ावती तेवर, BJP के मंत्री की जमकर तारीफ़
फोटो: Shashi Tharoor, Congress,
तिरुअनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के हालिया बयान और रुख ने पार्टी में असमंजस और चिंता का माहौल बना दिया है। कुछ समय पहले, उन्होंने खुद को पार्टी में अप्रयुक्त महसूस करते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस को उनकी आवश्यकता नहीं है, तो वे इसे स्पष्ट रूप से बता सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पास कई विकल्प खुले हैं, जिससे यह अटकलें लगने लगीं कि वह कांग्रेस छोड़ सकते हैं और किसी अन्य पार्टी में शामिल हो सकते हैं। कुछ लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि शशि थरूर सीपीएम में शामिल हो सकते हैं, जबकि दूसरों का कहना है कि वह भाजपा में भी जा सकते हैं। हालांकि शशि थरूर ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन हाल ही में उन्होंने एक ट्वीट किया है, जो कांग्रेस नेतृत्व के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। 

शशि थरूर ने एक अखबार में छपी खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें मोदी सरकार के मंत्री पीयूष गोयल, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन को एक साथ अच्छे मूड में बातचीत करते हुए दिखाया गया है। इसके साथ, शशि थरूर ने ट्वीट में लिखा, "यह देखना सुखद है। जहां तक संभव हो, आर्थिक विकास के लिए हमें राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर एक साथ काम करना चाहिए।" यह तस्वीर 2025 के 'इनवेस्ट केरल ग्लोबल समिट' के दौरान ली गई थी, जो कोच्चि में आयोजित हुआ था। शशि थरूर का इस तस्वीर को साझा करना और भाजपा के मंत्री के साथ इस प्रकार के रिश्ते की तारीफ करना कांग्रेस पार्टी के अंदर असहज स्थिति पैदा कर सकता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा भाजपा के साथ मंच साझा करने से बचती है, और शशि थरूर का इस तरह से भाजपा के मंत्री के साथ तस्वीर की सराहना करना पार्टी नेतृत्व के लिए चुभ सकता है। वहीं, सीपीएम के साथ कांग्रेस का गठबंधन कई राज्यों में मौजूद है, लेकिन भाजपा के साथ किसी प्रकार का मेल-जोल कांग्रेस के नीति निर्धारण से मेल नहीं खाता। 

 शशि थरूर के रुख ने उनके स्थानीय नेताओं के साथ भी मतभेद उत्पन्न किए हैं। हाल ही में, शशि थरूर ने कहा था कि अगर कांग्रेस केरल में चुनाव जीतती है, तो वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं, जिससे पार्टी में और उनके स्थानीय नेताओं के बीच विवाद बढ़ गया। इसके बाद, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरण ने शशि थरूर को यह सलाह दी कि वह राज्य के मामलों को स्थानीय नेताओं पर छोड़ दें और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में योगदान दें। इस सलाह के बावजूद शशि थरूर का रुख पार्टी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसके अलावा, शशि थरूर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे की भी सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को खुद से बेहतर नेगोशिएटर बताया है, तो यह भारत के लिए गर्व की बात है। 

इस टिप्पणी ने भी शशि थरूर के कांग्रस से जुड़े रुख को लेकर अटकलों को और हवा दी है। इस स्थिति ने कांग्रेस के अंदर पार्टी नेतृत्व और शशि थरूर के बीच स्पष्ट रूप से विचारों का अंतर पैदा किया है, जो भविष्य में पार्टी की रणनीतियों और दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। पार्टी में शशि थरूर की बढ़ती महत्वाकांक्षाएं और उनकी टिप्पणियों ने स्थानीय और राष्ट्रीय नेताओं के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।

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