170 सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले
एडीआर द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 543 में से 251 यानी 46 फीसदी विजेता उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 170 यानी 14 फीसदी विजेता उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 27 विजेता उम्मीदवारों ने अपने ऊपर दोष सिद्ध मामले घोषित किए हैं। चार विजेता उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या (आईपीसी-302), जबकि 27 विजेता उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी-307) से जुड़े मामले घोषित किए हैं। महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े मामले घोषित करने वाले विजेता उम्मीदवार 15 हैं। दो विजेता उम्मीदवारों के ऊपर दुष्कर्म (आईपीसी-376) से जुड़ा मामला दर्ज है।
रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के 240 में से 94 यानी 39 फीसदी, कांग्रेस के 99 में से 49 यानी 49 फीसदी, समाजवादी पार्टी के 37 में से 21, तृणमूल कांग्रेस के 29 में से 13 यानी 45 प्रतिशत, डीएमके के 22 में से 13, टीडीपी के 16 में से 8 और शिवसेना के 7 में से पांच विजेता उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये हैं।
कौन कितना करोड़पति
लोकसभा चुनाव 2024 में 543 में से 504 (93 फीसदी) विजेता उम्मीदवार करोड़पति है। बीजेपी के 240 में से 227 (95 प्रतिशत), कांग्रेस के 99 में से 92 (93 प्रतिशत), डीएमके के 22 में से 21 (95 प्रतिशत), तृणमूल कांग्रेस के 29 में से 27 (93 प्रतिशत), समाजवादी पार्टी के 37 में से 34 (92 प्रतिशत), आम आदमी पार्टी के 3 में से 3 (100 प्रतिशत), जेडीयू के 12 में से 12 (100 प्रतिशत) और टीडीपी के 16 विजेता उम्मीदवार करोड़पति हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 में विजेता उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 46.34 करोड़ है। सबसे अमीर विजेता उम्मीदवार में शीर्ष तीन में आंध्र प्रदेश के गुंटूर से टीडीपी के डॉ चंद्रशेखर पम्मसानी, दूसरे स्थान पर तेलंगाना के चेवेल्ला से बीजेपी के कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी और तीसरे स्थान पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र से बीजेपी के नवीन जिंदल हैं। सबसे कम संपत्ति में शीर्ष तीन में पहले स्थान पर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से बीजेपी के ज्योतिर्मय सिंह महतो दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल के आरामबाग से तृणमूल कांग्रेस की मितली बैग और तीसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश के मछलीशहर से समाजवादी पार्टी की प्रिया सरोज हैं।
विजेता उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता
विजेता उम्मीदवारों 105 (19 प्रतिशत) विजेता उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं और 12वी के बीच घोषित की है, जबकि 420 (77 प्रतिशत) विजेता उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा घोषित की हैं। 17 विजेता उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा धारक और 1 विजेता उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता साक्षर घोषित की है।





