रिजिजू का विवादास्पद दावा
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के नए राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा के संबंध में एक विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा को संसद में भेजा गया है ताकि राहुल गांधी की गलती से कांग्रेस को आई मुश्किल से राहत मिल सके।
रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, 'कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने मुझे बताया कि राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को असम चुनाव की अंतिम घड़ी में हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां पर झूठे आरोप लगाने के लिए कहा था। जब यह आरोप उलटा पड़ा, तो खेड़ा को इनाम के रूप में राज्यसभा की सीट दी गई।'
सामाजिक मीडिया पर टकराव
इसके अलावा, एक दिन पहले रिजिजू ने सोशल मीडिया पर पवन खेड़ा पर कटाक्ष किया था। दरअसल, पवन खेड़ा ने रिजिजू के एक वीडियो पर टिप्पणी की थी जिसमें उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा था कि भाजपा को परेशान करने के कारण रिजिजू तैरने भी नहीं जा पा रहे।
रिजिजू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पवन खेड़ा को अपने अनुशासनहीन व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आप पहली बार के सांसद हैं और इसीलिए मुझे आप पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं दिया गया है। मैं अपने गांव के लोगों के बीच रहता हूं और तैरता हूं। यह सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।'
पवन खेड़ा के खिलाफ कार्यवाही
असम विधानसभा चुनाव के दौरान पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि उनके पास तीन विदेशी पासपोर्ट हैं और अमेरिका में बेनामी संपत्ति है।
इसके परिणामस्वरूप, असम पुलिस की अपराध शाखा ने पवन खेड़ा के खिलाफ जालसाजी और मानहानि का मामला दर्ज किया। हालांकि, बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में जमानत मिली।





