मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द
रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी का अमेरिका जाने का कार्यक्रम अब रद्द हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, विदेश मंत्रालय (MEA) ने उनके अमेरिका दौरे को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 'राजनीतिक दृष्टिकोण से मंजूरी नहीं दी गई है।'
रेवंत रेड्डी 20 अगस्त को 'तेलंगाना राइजिंग' प्रतिनिधिमंडल के साथ 10 दिनों के लिए ब्रिटेन और अमेरिका के दौरे पर निकले थे। इस दौरे के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने थे। अब, वह अमेरिका के बोस्टन जाने के बजाय 23 अगस्त को लंदन से सीधे हैदराबाद लौटेंगे।
केंद्र से मंजूरी की प्रक्रिया
रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा: सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना सरकार ने 16 अगस्त को केंद्र से इस दौरे की अनुमति मांगी थी। हालांकि, केंद्र ने केवल ब्रिटेन यात्रा को मंजूरी दी। जब आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन पहुंचा, तब राज्य सरकार को अमेरिका यात्रा की अनुमति न मिलने की सूचना दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय अब विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है कि अमेरिका यात्रा के लिए मंजूरी क्यों नहीं दी गई।
रेवंत रेड्डी का बयान
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, दौरा रद्द होने के संदर्भ में रेवंत रेड्डी ने कहा कि युवाओं का भविष्य और राज्य तथा देश का विकास राजनीति से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्र निर्माण और युवाओं के भविष्य की दिशा में सभी को राजनीति और चुनाव से आगे बढ़कर सोचने की आवश्यकता है।
इसके बावजूद, रेवंत रेड्डी ने अपने प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका का दौरा आगे बढ़ाने और वहां प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौतों पर बातचीत जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इन संस्थानों में हार्वर्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया टेक शामिल हैं।
शैक्षणिक संस्थानों से सहयोग
रेवंत रेड्डी लंदन में ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज और अन्य प्रमुख ब्रिटिश शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा, 'तेलंगाना राइजिंग' का उद्देश्य दुनिया के उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को भारत, तेलंगाना और हैदराबाद में लाना है। इससे युवाओं को वैश्विक स्तर पर शिक्षा, कौशल और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनका लक्ष्य हैदराबाद को एक वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि उस्मानिया यूनिवर्सिटी, HCU और JNTU जैसे संस्थानों ने हैदराबाद को मानव संसाधनों का उत्कृष्ट केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। IIT, ISB, IIIT और NALSAR की स्थापनाओं ने भी शहर में बड़ी कंपनियों और उनके वैश्विक क्षमताओं के केंद्रों को आकर्षित करने में मदद की है।
हैदराबाद को वैश्विक मंच पर लाने की चाह
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका उद्देश्य हैदराबाद को दुनिया के प्रमुख शहरों में शामिल करना है, ताकि आम भारतीय को हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, MIT, LBS या LSE जैसी संस्थाओं से शिक्षा और प्रमाणपत्र हासिल करने का मौका मिले। उन्होंने यह भी कहा, 'जहां अधिकांश नेता अपने बच्चों को विदेश भेजना चाहते हैं, मैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों को भारत लाना चाहता हूं।'
Read This Also:- थलपति विजय के परिसीमन पर उठे सवाल, विपक्ष ने साधा निशाना





