सेना को पूरी छूट मिलनी चाहिए- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, “सेना को पूरी छूट मिलनी चाहिए। केवल सैन्य ताकत नहीं, राजनीतिक नेतृत्व की मज़बूती भी ज़रूरी है। 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने अमेरिका की परवाह नहीं की और नतीजा ये हुआ कि एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया।" राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को अधूरा छोड़ दिया और केवल 30 मिनट में ही "सरेंडर" जैसा संदेश दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर लड़ने की इच्छाशक्ति की कमी है और सेना के हाथ-पांव बांध दिए गए हैं।
30 मिनट में किया सरेंडर-राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, "कल सैम मानेकशॉ को कोट किया गया। उन्होंने 1971 में इंदिरा गांधी से कहा था कि अभी ऑपरेशन नहीं कर सकते, छह महीने की ज़रूरत है। इंदिरा जी ने उन्हें समय दिया और परिणाम सामने आया। लेकिन आज के रक्षा मंत्री कहते हैं कि हमने 1.35 बजे आतंकी ठिकानों पर हमला किया, और तुरंत ही पाकिस्तान को सूचित कर दिया कि यह एस्केलेटरी नहीं है। यानी आपने 30 मिनट में ही मान लिया कि अब कोई आगे की कार्रवाई नहीं होगी।"
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "आपने आधे घंटे में सरेंडर कर दिया। इसका मतलब है कि सरकार में लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं है। यह गलती सेना की नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व की है। सरकार ने पायलट्स के हाथ-पांव बांध दिए हैं।"
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया ट्रंप ने 29 बार कहा
राहुल गांधी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का भी ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध को रुकवाया। राहुल ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप ने 29 बार कहा कि हमने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया। अगर प्रधानमंत्री में दम है, तो सदन में खड़े होकर कहें कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। अगर उनमें इंदिरा गांधी के 50% भी साहस है, तो यह बात सार्वजनिक रूप से कहें।" विदेश मंत्री एस. जयशंकर के "न्यू नॉर्मल" वाले बयान पर भी राहुल गांधी ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "अब एक नई चीज़ चल रही है—'न्यू नॉर्मल'। विदेश मंत्री ने संसद में कहा कि सभी इस्लामिक देशों ने आतंकवाद की निंदा की है, लेकिन यह नहीं बताया कि पहलगाम हमले के बाद किसी एक भी देश ने पाकिस्तान का नाम लेकर उसकी निंदा की है।"





