संसद में विशेष सत्र की संभावनाएं
संसद के विशेष सत्र को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसमें भाजपा और द्रमुक के बीच चल रही वार्ताओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इंडिया गठबंधन से दूरी बनाने वाली द्रमुक ने अभी तक स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन उसके सशर्त समर्थन की संभावना बनी हुई है। इस बीच, संसद का मॉनसून सत्र अब तक औपचारिक रूप से समाप्त नहीं हुआ है, जिससे सरकार की ओर से विशेष सत्र बुलाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इस विशेष सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। उल्लेखनीय है कि पिछले 13 अगस्त को संसद के दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया था, और अब दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसे औपचारिक रूप से समाप्त नहीं किया गया है।
भाजपा की रणनीति और द्रमुक से वार्ता
भाजपा अब द्रमुक से संपर्क साधने के साथ-साथ तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक स्थिति को भी सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है। पार्टी अन्नाद्रमुक के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार कर रही है। केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा नेता एल मुरुगन अब पूरी तरह से राज्य की राजनीति में सक्रिय होने जा रहे हैं। राज्य में भाजपा और अन्नाद्रमुक का गठबंधन मौजूदा समय में चुनावी सफलता नहीं हासिल कर पा रहा है।
इस बीच, द्रमुक को सत्ता में आने वाली टीवीके और कांग्रेस के समर्थन के चलते नए सहयोगियों की तलाश है। हालांकि, विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों के चलते वह भाजपा के साथ गठबंधन नहीं कर पा रही है। द्रमुक पहले भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भाजपा के साथ शामिल रही है, इसलिए भविष्य में किसी संभावित सहयोग की पूरी संभावना बनी हुई है।
2-तिहाई बहुमत की ओर एनडीए की यात्रा
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि पार्टी दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक रणनीति को नए सिरे से तैयार कर रही है, जिससे सभी संभावनाएं खुली हुई हैं। यदि द्रमुक ने भाजपा का समर्थन किया, तो एनडीए संसद में 2-तिहाई बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच सकता है। इससे पहले, सरकार ने अप्रैल में विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन विधेयक को पास कराने की कोशिश की थी, लेकिन 2-तिहाई बहुमत का आंकड़ा जुटाने में असफल रही थी।
अब तक, विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े थे जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया था। हालांकि, इस घटना के बाद लोकसभा में एनडीए की ताकत में वृद्धि हुई है। शिवसेना यूबीटी के 7 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं, और टीएमसी छोड़कर NCPI में शामिल 20 सांसदों ने भी एनडीए का समर्थन देने की बात की है।
महिला आरक्षण विधेयक पर द्रमुक का समर्थन
सूत्रों के अनुसार, भाजपा को महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में द्रमुक के समर्थन की आवश्यकता महसूस हो रही है। भाजपा के नेता द्रमुक के साथ परोक्ष रूप से संपर्क में हैं, और चूंकि द्रमुक इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए वह मुद्दों के आधार पर सरकार का सहयोग कर सकती है। भाजपा की कोशिश यह है कि महिला आरक्षण और परिसीमन से तमिलनाडु को कोई नुकसान न हो।
इस तरह, भाजपा और द्रमुक के बीच संभावित सहयोग पर चर्चा जारी है, जो अगले विशेष सत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।





