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राष्ट्रीय • दिल्ली

ओवैसी ने एलन मस्क के बयान पर जताई नाराजगी, कहा- गोरे लोग भारत के प्रधानमंत्री पर सवाल नहीं उठा सकते

ओवैसी ने कहा कि विदेशी कारोबारी के लिए भारतीय नागरिकों के हितों से समझौता नहीं किया जा सकता।

ओवैसी ने एलन मस्क के बयान पर जताई नाराजगी, कहा- गोरे लोग भारत के प्रधानमंत्री पर सवाल नहीं उठा सकते
फोटो: Owaisi Expresses Anger Over Elon Musk's Statement, Says White People Cannot Question India's PM

एलन मस्क के सवालों पर ओवैसी की प्रतिक्रिया

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क द्वारा भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग में देरी को लेकर उठाए गए सवालों पर कड़ा जवाब देते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है। ओवैसी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी रहेंगे, लेकिन यह उचित नहीं है कि कोई विदेशी कारोबारी इस प्रकार से भारत के प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए।


ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी और मोदी सरकार गोरी चमड़ी वाले व्यक्तियों से अत्यधिक डरती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों और श्रमिकों के हितों को किसी विदेशी कारोबारी के लाभ के लिए नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।


हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत

ओवैसी ने यह बयान हैदराबाद में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान दिया, जहां वह मतदाता सूची के SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा नरेंद्र मोदी के खिलाफ रही है और आगे भी रहेगी।


उन्होंने एलन मस्क के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि एक विदेशी नागरिक भारत के प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की टिप्पणियाँ कैसे कर सकता है। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि जब भी कोई गोरे व्यक्तियों का नाम सामने आता है, तब बीजेपी की घबराहट स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।


स्टारलिंक की मंजूरी में देरी पर एलन मस्क के आरोप

एलन मस्क ने 7 अक्टूबर को भारत में स्टारलिंक को मंजूरी मिलने में देरी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ बड़े कारोबारी समूह उनकी कंपनी की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराने में अवरोध पैदा कर रहे हैं।


इसके जवाब में, 8 अक्टूबर को संचार मंत्रालय ने मस्क के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भेदभाव के आरोप बेबुनियाद और गलतफहमी पर आधारित हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत में सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए सभी कंपनियों के लिए नियम समान हैं।


रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रतिक्रिया

संचार मंत्रालय ने इस मामले में बताया कि तीन कंपनियों की सुरक्षा संबंधी जांच चल रही है और सभी कंपनियों की नियामक प्रक्रिया लगभग एक जैसे चरण में है। इसके कुछ घंटे बाद, मस्क ने सवाल किया कि 165 से अधिक देशों में सेवाएं देने की मंजूरी प्राप्त करने के बावजूद भारत में स्टारलिंक को अब तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला।


मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए यह भी पूछा कि क्या भारत में असली फैसले वही लेते हैं। मस्क के आरोपों पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसे कभी भी प्रतिस्पर्धा से डर नहीं लगा और भारत में काम कर रही कंपनियों के लिए सरकार समान प्रक्रियाओं का पालन करती है।