पंजाब सरकार को मिली कोर्ट से राहत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस यात्रा की अनुमति देने में केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मान के प्रस्तावित दौरे के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार करने के केंद्र के निर्णय को रद्द कर दिया है। अदालत ने शुक्रवार को पंजाब सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए यह निर्णय सुनाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक दिन पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्हें विदेश यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी जा रही है। मान को पेरिस में आयोजित खाद्य महोत्सव में भाग लेने के लिए निमंत्रण मिला है, जिसमें पंजाब सरकार की संस्था मार्कफेड का स्टॉल भी होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही दुनिया भर में यात्रा कर सकते हैं।
हाईकोर्ट का निर्णय और केंद्र का तर्क
जस्टिस त्रिभुवन दहिया की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पंजाब सरकार की याचिका पर निर्णय लिया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत का विस्तृत आदेश जल्द ही जारी होगा। पंजाब सरकार ने आरोप लगाया है कि विदेश मंत्रालय ने उनके आवेदन को बिना किसी कारण बताए ऑनलाइन पोर्टल पर 'DENIED' दिखा दिया।
पंजाब सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता चंचल सिंगला ने तर्क दिया कि राजनीतिक मंजूरी का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना है, न कि राज्य सरकार के कार्यकारी अधिकारों को बाधित करना। वहीं, केंद्र सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंताओं का हवाला दिया, जबकि पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया कि निमंत्रण पहले ही मिल चुका था।
मान का दौरा और उसका महत्व
भगवंत मान का प्रस्तावित फ्रांस दौरा 15 से 21 अक्टूबर तक निर्धारित था। इस दौरे में उनके साथ पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और प्रधान सचिव रवि भगत भी शामिल होने वाले थे। इसका मुख्य उद्देश्य 'सियाल पेरिस 2026' नामक अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार प्रदर्शनी में भाग लेना था, जो 17 से 21 अक्टूबर तक पेरिस में आयोजित होने वाली है।
पंजाब सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की योजना थी, जिसमें मार्कफेड को भी स्टॉल लगाने का अवसर प्राप्त हुआ।
अन्य विदेश यात्राओं पर भी सवाल
पंजाब सरकार की याचिका के अनुसार, मार्कफेड को भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली एपीडा के इंडिया पवेलियन में स्टॉल आवंटित किया गया था। हालांकि, मान ने बताया कि उन्हें जापान जाने की अनुमति भी नहीं मिली थी, जहां वह हॉकी मैचों के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले देखने की योजना बना रहे थे।
मान ने कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब के हितों को बढ़ावा देना और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इससे पहले भी भगवंत मान और अन्य नेताओं की कई विदेश यात्राओं को राजनीतिक मंजूरी नहीं मिल सकी है।





