सीमा पर स्थिति को लेकर चिंताएं
अरुणाचल प्रदेश की भारत-चीन सीमा को लेकर एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाए। ओवैसी का कहना है कि सरकार को चीन के सैनिकों की गतिविधियों और उनके द्वारा जवानों की पेट्रोलिंग में बाधा डालने के मामलों की स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पर चीन की घुसपैठ के बारे में संसद में चर्चा बेहद आवश्यक है। ओवैसी ने कहा, "सरकार को इस विषय पर खुल कर बात करनी चाहिए ताकि सभी सांसद और विपक्षी नेता सही जानकारी प्राप्त कर सकें।"
अंधेरे में रखी जा रही जानकारी
ओवैसी ने विशेष सत्र की मांग करते हुए आईटीबीपी के डीजी की चिंताओं को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर सही जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने कहा, "लोगों को इस विषय पर अंधेरे में रखा जा रहा है, जिससे स्थिति की गंभीरता को समझना मुश्किल हो रहा है।"
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ के सभी स्थानों की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। उनका मानना है कि यह महत्वपूर्ण है कि संसद में इस विषय पर चर्चा हो ताकि केंद्र सरकार की नीति स्पष्ट हो सके।
डीजी ITBP और विदेश मंत्रालय की टिप्पणियां
डीजी आईटीबीपी ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में पीएलए की गतिविधियों का सामना करना सामान्य बात है और उन्होंने चेतावनी दी थी कि चीन के पास ऐसे हथियार हैं जिनका सामना पारंपरिक हथियारों से नहीं किया जा सकता।
इस पर विदेश मंत्रालय ने बताया कि सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच कभी-कभी गलतफहमियां होती हैं, जिन्हें बातचीत के माध्यम से हल किया जाता है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए सहमति प्रकट की है ताकि सीमा पर शांति बनी रहे।





