राज्यपाल का विवादास्पद आदेश
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को केरलम के नए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर द्वारा लोक भवन की रसोई को पूरी तरह से शाकाहारी बनाने के आदेश की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय संघ परिवार के असंवैधानिक हितों का प्रतिनिधित्व करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, माथुर ने निर्देश दिया है कि लोक भवन की रसोई में न मांसाहारी व्यंजन पकाए जाएं और न ही परोसे जाएं। यह जानकारी स्थानीय समाचार स्रोतों से मिली है।
गुरुवार को राज्यपाल पद की शपथ लेने वाले माथुर ने इस आदेश को जारी किया। लोक भवन के सूत्रों ने बताया कि वह स्वयं पूर्णत: शाकाहारी हैं और इसी कारण उन्होंने रसोई में मांसाहारी भोजन न बनाने का निर्देश दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को अपने पसंद के भोजन पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
खान-पान की स्वतंत्रता पर सवाल
वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि केरलम के लोगों की खान-पान की आदतों पर किसी प्रकार की पाबंदी लगाने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, 'खाने-पीने की पसंद में हस्तक्षेप करने वाली और राज्य के लोगों की पारंपरिक जीवनशैली को खत्म करने जैसी पाबंदियां संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं।' उनका मानना है कि एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह लोगों को यह तय करने का अधिकार दे कि उन्हें क्या खाना है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नए राज्यपाल अपने अधिकारों का उपयोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता में कटौती के लिए कर रहे हैं, जो कि पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
संघ परिवार का एजेंडा
अलप्पुझा से लोकसभा सदस्य केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि यह आदेश संघ परिवार के असंवैधानिक हितों को आगे बढ़ाने का एक हिस्सा है। उन्होंने इसे केरल में संघ परिवार के भगवा एजेंडे को लागू करने की दिशा में पहला कदम बताया। वेणुगोपाल ने कहा कि राज्यपाल को अपनी शाकाहारी आदतों का पालन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह स्वीकार्य नहीं कि लोक भवन की रसोई को उनकी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार चलाया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भोजन की स्वतंत्रता एक व्यक्तिगत अधिकार है और राज्यपाल को ऐसे अनुशासनात्मक कदम उठाने से बचना चाहिए जो इस अधिकार को सीमित करते हों। यह उनकी जिम्मेदारी है कि वह संविधान के अनुच्छेदों की रक्षा करें, जिसमें अपनी पसंद का भोजन तैयार करने और खाने का अधिकार शामिल है।
राज्यपाल का शाकाहारी होना
इस बीच, लोक भवन के सूत्रों ने जानकारी दी है कि राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर पूरी तरह से शाकाहारी हैं। इसलिए उन्होंने निर्देश दिया कि जिस रसोई में उनका भोजन तैयार होता है, वहां मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाएगा। बताया गया है कि लोक भवन में तैयार खाना केवल राज्यपाल और उनके कुछ निजी कर्मचारियों को परोसा जाता है।
अन्य कर्मचारी या तो अपना भोजन घर से लाते हैं या बाहर खाते हैं, और उनकी खान-पान की पसंद पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है। पूर्व राज्यपालों के कार्यकाल में लोक भवन की रसोई में मछली और मांसाहार व्यंजन बनाने की अनुमति थी।





