10 अक्टूबर का प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना। हालांकि, दिल्ली पुलिस की चौकसी के चलते यह प्रदर्शन अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सका। इस दौरान हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन शाम तक सभी को रिहा कर दिया गया। CJP के तीन प्रमुख नेताओं को भी कुछ शर्तों के साथ एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर कर रिहा किया गया। 23 घंटे की हिरासत के बाद CJP के नेता नए जोश में लौट आए हैं।
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पार्टी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपने नए अभियान की शुरुआत की घोषणा की। वहीं, दीपके, जो दादी के निधन के बाद परिवार के पास पहुंचे थे, ने भी फिर से सड़क पर उतरने की बात कही।
दिल्ली पुलिस का बयान और दीपके का पलटवार
CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि अभिजीत दीपके को हिरासत में उनकी दादी के निधन की सूचना प्रदान की गई थी। इसके साथ ही, उन्होंने फ्लाइट, कॉल और बातचीत का विकल्प भी उपलब्ध कराया। लेकिन दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अपने कजिन का नंबर निकालने की अनुमति नहीं दी।
दीपके ने यह भी कहा कि सुबह करीब साढ़े तीन बजे पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें अपने पिता को यह जानकारी देने के लिए कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस समय दिल्ली पुलिस की मानवता कहां गई थी?
केंद्र सरकार पर CJP का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। सौरव दास ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने देश में ''आपातकाल जैसी स्थिति'' पैदा कर दी है और नागरिकों को ही एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा, "प्रदर्शन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे देश में फैलेंगे।"
दास ने यह भी कहा कि रिहाई के समय उन पर लगाए गए शर्तें, जैसे कि एक साल तक शांति भंग नहीं होनी चाहिए, वास्तव में सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "शांति भंग करने का काम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने किया है।"
एसएफआई का समर्थन और हिंसा की घटनाएं
कॉकरोच जनता पार्टी के साथ स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की आइशी घोष ने भी आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर 2.0 जारी है। हम सड़कों पर हैं और सड़कों पर ही रहेंगे।" घोष ने दक्षिणपंथी संगठनों पर प्रदर्शनकारियों पर हमले की अनुमति देने का आरोप लगाया।
हाल ही में, दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर छात्रों पर हमले की घटनाओं के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारियां उस घटना के एक वायरल वीडियो के बाद हुईं जिसमें चार लोग छात्रों पर हमला करते हुए दिखाए गए।
केंद्र सरकार की नीतियों पर CJP का विरोध
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रम ने आपातकाल की याद ताजा कर दी है। रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली आने से रोकने के लिए ट्रेनें रद्द की गईं, जोकि निंदनीय है।
उन्होंने यह भी कहा, "1975 में भी ट्रेनें बंद नहीं की गई थीं।" उन्होंने मोदी और शाह पर आरोप लगाया कि उन्होंने निर्वाचन आयोग के खिलाफ चल रहे आंदोलन को अपने खिलाफ लड़ाई में तब्दील कर दिया है।





