1. आयकर में बड़ी राहत:वित्त मंत्री ने करदाताओं को राहत देते हुए घोषणा की कि अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह घोषणा मध्यम वर्ग और कामकाजी पेशेवरों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
2. किसानों के लिए बड़ा कदम: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत ब्याज सहायता की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है, जो पहले 3 लाख रुपये थी। इससे किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध होगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
3. ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना’ का ऐलान: इस योजना के तहत 100 जिलों को शामिल किया जाएगा, जो कम पैदावार, आधुनिक फसल गहनता और औसत से कम ऋण मानदंड वाले क्षेत्र हैं। इससे 1.7 करोड़ किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
4. नया आयकर विधेयक: सरकार जल्द ही एक नया आयकर विधेयक पेश करेगी, जिसमें ‘‘पहले विश्वास करो, बाद में जांच करो’’ की नीति अपनाई जाएगी। इसके अलावा, बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% कर दी गई है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
5. स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में ‘डे केयर’ कैंसर केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें से 200 केंद्र इसी वित्त वर्ष में स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही गिग वर्कर्स को पीएम जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
6. मेडिकल शिक्षा में सुधार: देश में मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में 75,000 मेडिकल सीटें जोड़ी जाएंगी। इस वित्त वर्ष में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ने की योजना है।
7. खिलौना उद्योग को बढ़ावा: भारत को विश्व स्तर पर खिलौनों के उत्पादन और निर्यात का हब बनाने के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। इससे घरेलू विनिर्माण उद्योग को मजबूती मिलेगी।
8. बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना: बिहार में मखाना किसानों की आय बढ़ाने और मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा।
9. शिक्षा और अनुसंधान पर जोर: सरकार ने शिक्षा और अनुसंधान में निवेश बढ़ाने की घोषणा की है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाएगा।
10. टैक्स सुधार और डिजिटलीकरण: पिछले 10 वर्षों में कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं, जिनमें फेसलेस मूल्यांकन प्रक्रिया भी शामिल है। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, बजट को डिजिटल तरीके से पेश किया गया।
वित्त मंत्री ने अपने लगातार आठवें बजट में पारंपरिक बही-खाते की जगह डिजिटल टैबलेट का उपयोग किया। उन्होंने बजट को पारदर्शी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। यह बजट 2014 से अब तक मोदी सरकार के तहत पेश किया गया 14वां बजट है, जिसमें 2019 और 2024 के अंतरिम बजट शामिल हैं।
इस बजट में सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में संतुलन स्थापित करते हुए देश के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप पेश किया गया है।
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