इस हफ्ते राष्ट्रीय और राजनीतिक पटल पर कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिले। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से लेकर उत्तर प्रदेश के मेडिकल भर्ती घोटालों और इंफ्रास्ट्रक्चर की पोल खोलती बारिश तक, देश भर में चर्चाओं का दौर जारी है। आइए डालते हैं इस हफ्ते की मुख्य खबरों पर एक नजर।
दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिसिया सख्ती
राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े कदम उठाए गए। दिल्ली को सुरक्षा छावनी में बदलते हुए भारी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस बल की तैनाती की गई, मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए गए और सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई गई। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की इन तस्वीरों ने देश भर में बहस छेड़ दी है।
उत्तर प्रदेश: पेपर लीक घोटाला और जलभराव की समस्या
उत्तर प्रदेश से जुड़ी दो बड़ी खबरों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं:
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मेडिकल भर्ती घोटाला: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में 2023 की नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि चुने गए 1200 से अधिक उम्मीदवारों में से लगभग आधे अभ्यर्थी जयपुर की एक ही कोचिंग संस्थान से ताल्लुक रखते हैं। परीक्षा पैटर्न में बदलाव के चलते बाहरी उम्मीदवारों को इसका अनुचित लाभ मिलने के आरोप लगे हैं।
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लखनऊ में जलभराव: राजधानी लखनऊ में मामूली बारिश के बाद ही सड़कें और पॉश कॉलोनियां जलमग्न हो गईं, जिससे 'स्मार्ट सिटी' के दावों की पोल खुल गई और सीवेज सिस्टम की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई।
उमर खालिद का अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार और कानूनी संघर्ष
सितंबर 2020 से जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को आयरलैंड की संस्था 'फ्रंट लाइन डिफेंडर्स' द्वारा वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित 'ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स एट रिस्क अवार्ड' प्रदान किया गया है। हालांकि, लंबे समय से यूएपीए के तहत जेल में बंद होने के कारण वे इस समारोह में शामिल नहीं हो सके। इस मामले पर एक बार फिर न्याय प्रक्रिया और विचारधीन कैदियों के त्वरित ट्रायल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ज्ञानेश कुमार से जुड़ा पुराना मामला और अन्य सियासी सुर्खियां
केरल सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े 20 साल पुराने (2006) एक मामले में विजिलेंस जांच फिर से खोलने के आदेश दिए हैं। यह मामला तब का है जब वे केरल में लोक निर्माण विभाग (PWD) में सचिव थे। इसके अलावा, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नामकरण और राजनीतिक दलों की आगामी रणनीतियों को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी तेज बनी हुई है।
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