उन्होंने कहा, "इससे नई पीढ़ी के बच्चों के मन में गलतफहमियां बन सकती हैं, जो समाज के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं।" मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार इस प्रकार की भ्रांतियों से बचने की कोशिश कर रही है और यह सुनिश्चित करेगी कि जनता को सही जानकारी मिले।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार की प्राथमिकता कभी भी किसी भी नागरिक के जीवन को खतरे में डालने की नहीं हो सकती। कचरे के निष्पादन का यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर को इस कार्य के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ही चयनित किया है और यह पूरी प्रक्रिया इस प्रकार से की जाएगी कि किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान न हो।
सीएम यादव ने कहा, "यह कचरा अभी डंप किया गया है, नष्ट नहीं किया गया है। हम इस प्रक्रिया को गंभीरता से और पूरी सुरक्षा के साथ पूरी करेंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि कचरे का निष्पादन किसी भी व्यक्ति के जीवन के लिए खतरे का कारण नहीं बनेगा, और यह काम पूरी तरह से रिपोर्ट और कोर्ट के आदेश के आधार पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनकी बात को सभी समझेंगे और सही जानकारी के आधार पर इस प्रक्रिया को अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई को सर्वोपरि रखा जाए।
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