केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के वादे से साफ पता चलता है कि उनका मकसद आम लोगों, खासकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को शिक्षा की सुविधा से वंचित करना है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने जो मुफ्त शिक्षा, मुफ्त बस यात्रा और अन्य सुविधाएं दी हैं, उनके खत्म होने का खतरा इस संकल्प पत्र से और ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए वादे सिर्फ़ चुनावी जुमले हैं, और यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो वे सिर्फ़ अपने खास वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचाने का काम करेंगे, जबकि दिल्ली के गरीब और छात्रों को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
केजरीवाल ने आगे कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र का उद्देश्य केवल चुनावी फायदा हासिल करना है, न कि दिल्लीवासियों के बेहतर भविष्य के लिए कोई ठोस कदम उठाना। उन्होंने दिल्ली के नागरिकों से अपील की कि वे भाजपा के इस छलावे में न आएं और समझें कि अगर भाजपा को मौका मिला तो वो उनके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने से नहीं चूकेगी। केजरीवाल ने अपनी सरकार के दौरान आम आदमी पार्टी द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार की तरफ जो ठोस कदम उठाए गए हैं, उसे रेखांकित किया और लोगों से इन योजनाओं का समर्थन करने की अपील की।
इस बयान से यह साफ है कि आगामी चुनावों में दिल्ली के चुनावी मुद्दे केवल विकास और वादों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दिल्ली की जनता के अधिकारों को बचाने और उन्हें बेहतर सेवाएं देने के लिए दोनों प्रमुख दलों के बीच तीव्र मुकाबला होने की संभावना है।
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