चंदोलिया ने आगे कहा कि आतिशी, जो अरविंद केजरीवाल की करीबी सहयोगी हैं, उन्हें "आप-दा" के रूप में जाना जाता है, जो पार्टी की नीतियों और विचारधाराओं से जुड़ी एक विवादित स्थिति को दर्शाता है।
इससे पहले, भाजपा के कालकाजी सीट से उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने भी आतिशी को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। बिधूड़ी ने आतिशी पर तीखा हमला किया था, जिस पर उनके खिलाफ कई राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ आई थीं। अब योगेंद्र चंदोलिया ने भी उसी तरह के बयान दिए हैं, जिससे दिल्ली विधानसभा चुनाव के माहौल में और भी गर्मी बढ़ गई है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आतिशी भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि उनके पिता, जो 80 साल के हैं और बिना सहारे के चलने में भी असमर्थ हैं, भाजपा के इस तरह के घटिया बयान से आहत हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि राजनीति इतनी निचले स्तर पर जाएगी, जहां व्यक्तिगत हमले और अपमान करने की बजाय जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। आतिशी ने बिधूड़ी से यह भी कहा कि वह गालियों के बजाय अपने काम और योजनाओं के आधार पर जनता से वोट मांगें, न कि सिर्फ नफरत फैलाने के लिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव को और भी विवादों से घेर लिया है, जहां एक ओर भाजपा के नेता गहरी व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी इस तरह की राजनीति को नकारते हुए सकारात्मक राजनीति की बात कर रही है।





