
गुजरात सरकार को एनएचआरसी का सुझाव, हर छह माह में कैदियों का करवाएं एड्स और टीबी की जांच
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गुजरात की सूरत जेल में कैदियों के बीच टीबी के लगातार आते मामलों के बीच एक अहम बात कही है.
- एनएचआरसी ने सुझाव दिया है कि जेल में बंद कैदियों की हर छह माह में एचआईवी एड्स और टीबी की जांच होनी चाहिए.
- आयोग ने सुझाव में कहा कि जिन कैदियों की हालत गंभीर है सरकार को उनकी सजा को कम करने पर विचार करना चाहिए.
- सजा को कम करने के लिए सरकार को सीआरपीसी की धारा 433 के तहत दिए गए प्रावधान पर विचार करना होगा.
- सूरत की जेल में 21 साल के एक विचाराधीन कैदी की उचित इलाज नहीं मिलने के कारण 15 जुलाई को टीबी से मौत हो गई थी.
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