
मजदूरों के हिस्से पर भी लूट! पिछले चार सालों मे मनरेगा की योजनाओं में 935 करोड़ की ठगी
- कोरोना संकट के बीच जहां मनरेगा शहरों से लौटे मजदूरों के लिए सहारा बना वहीं अब खुलासा हुआ कि इसमें व्यापक लेवल पर पैसों की हेराफेरी हो रही है.
- ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक डेटा के अनुसार पिछले चार वर्षों में मनरेगा की विभिन्न योजनाओं में 935 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई है.
- द इंडियन एक्सप्रेस ने सूचना प्रणाली के तहत मंत्रालय से ये जानकारी जुटाई, मंत्रालय ने बताया कि अब तक महज 12.5 करोड़ रुपए ही वसूले गए हैं.
- कुल हेराफरी का महज 1.34 फीसदी ही वसूला गया है, विशेषज्ञों का माने तो इसमें 10 फीसदी पैसा वसूल पाना भी बेहद मुश्किल है.
- उनके मुताबिक यहां कई चरणों में हेराफेरी है, किसी एक को आरोपी बनाकर पूरी रकम वसूली नहीं जा सकती क्योंकि खाने वालों की संख्या अधिक है.
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