
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने घटाया अनुमानित विकास दर, कहा- सुधार के लिए ढ़ाना होगा वैक्सिनेशन
- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिये भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया।
- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कोविड-19 महामारी की दूसरी गंभीर लहर के असर को देखते हुए यह कदम उठाया है।
- चालू वित्त वर्ष के लिये यह ताजा अनुमान अप्रैल में जताए गए 12.5 फीसदी जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान से तीन परसेंटेज पॉइंट्स कम है।
- आईएमएफ ने वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहने की संभावना जताई है जो अप्रैल के 6.9 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान से ज्यादा है।
- संस्थान ने कहा कि आर्थिक स्थिति में सुधार का सीधा रास्ता बढ़ते वैक्सिनेशन से है, लेकिन भारत में इसकी गति काफी धीमी है।




























































