
यह नाक की नहीं, नाश की लड़ाई है...जिंदगी की जंग है- भारतीय किसान यूनियन
- कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच पिछले सात महीनों से तनातनी जारी है। दोनों पक्ष अपने शर्तों के साथ अड़े हुए हैं।
- इस बीच भाकियू के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यह नाक की लड़ाई नहीं है, बल्कि नाश की लड़ाई है। जिन्दा रहने की लड़ाई है।
- उन्होंने आगे कहा- यह जिंदगी की जंग है। जिस हिसाब से बाजार बढ़े हैं, उसी हिसाब से हमारी भी कीमतें बढ़नी चाहिए।
- गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान किसानों ने संसद कूच का ऐलान किया है।
- इससे पहले टिकैत ने कहा था कि किसान था है और रहेगा लेकिन सरकार का कुछ अता पता नहीं है।




























































