साल बदल रहे लेकिन बिहार में बाढ़ के वही पुराने हालात, स्थायी समाधान के इंतजार में लोग 

  • बिहार में बाढ़ एक ऐसी समस्या बन चुकी है जिसके हालात में साल दर साल कभी कोई सुधार होता नहीं दिखा। 
  • मॉनसून का मौसम देश के बाकी हिस्सों में बरसात खेती के लिए खुशहाली का आलम होता है लेकिन बिहार में तबाही का। 
  • इस साल अभी मॉनसून पूरी तरह आया भी नहीं और सभी नदियां उफान पर हैं, बारिश ने नदियों के पानी को बेकाबू कर दिया है। 
  • प्रभावित इलाकों में सरकार राहत शिविर लगाती है, मुआवजे बांटती है लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं कर सकी है। 
  • सात दशकों में बिहार में बाढ़ के खतरे वाला इलाका बढ़कर 68 लाख हेक्टेयर हो गया है क्योंकि नदियों का विस्तार हो रहा है। 
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