
वामपंथी पार्टियों ने संयुक्त ताकत को बढ़ाने पर दिया ज़ोर
- वामपंथी पार्टियों की बैठक में पदाधिकारियों ने वाम-जनवादी ताकतों के संयुक्त संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
- साथ ही तय किया गया है कि राष्ट्रीय आह्वान पर 14 अक्टूबर को मंदी और बेरोज़गारी के खिलाफ संयुक्त धरना दिया जाएगा.
- वामपंथी नेताओं का कहना है कि देश आर्थिक मंदी की चपेट में है और बेरोज़गारी पिछले 45 सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है.
- उनका मानना है कि मोदी सरकार आमजन की क्रय क्षमता बढ़ाने के बजाय पूंजीपतियों की तिजोरियां भरने का इंतजाम कर रही है.
- वामपंथ की ताकत को मजबूत करने के लिए दिसंबर तक तीनों वामपंथी पार्टियों का संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया जाएगा.
Monday, 07 October 2019
