बीफ़-पोर्क के नाम पर ज़ोमैटो कर्मचारियों को भड़काने वाले लोकल भाजपा नेता निकले!
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बीफ़-पोर्क के नाम पर ज़ोमैटो कर्मचारियों को भड़काने वाले लोकल भाजपा नेता निकले!

By The Lallantop calender  13-Aug-2019

बीफ़-पोर्क के नाम पर ज़ोमैटो कर्मचारियों को भड़काने वाले लोकल भाजपा नेता निकले!

दो दिन पहले पश्चिम बंगाल में खाना डिलीवर करने वाली कंपनी Zomato के कुछ कर्मचारी हड़ताल पर उतर आए. कंपनी पर आरोप लगाने लगे कि कंपनी उनसे बीफ और पोर्क, यानी गोमांस और सूअर का मांस, डिलीवर करने का दबाव डाल रही है, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हैं.
लेकिन अब इस मामले में एक रोचक मोड़ आ गया है. Zomato के विरोध प्रदर्शन में कई लोग नारेबाजी कर रहे थे. उनमें से कई के बारे में जानकारी आयी है, कि वे बीजेपी से जुड़े हुए हैं. और ऐसे एक ही नहीं, कई हैं.
एक कार्यकर्ता का नाम है संजीव शुक्ला. हावड़ा का रहने वाला है. फोटो-वीडियो देखिए. ये जो बिना बालों वाला और सफ़ेद शर्ट पहने आदमी Zomato के ललछौंहों के साथ खड़ा है, वही है भाजपा वाला नेता. हावड़ा की भारतीय जनता युवा मोर्चा यानी भाजयुमो की लोकल यूनिट का पदाधिकारी है.
पता कैसे चला? पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर ने सोशल मीडिया खंगालना शुरू किया. और फिर मामला ट्विटर पर लेकर आ गए. इसके बाद संजीव शुक्ला के कई सारे वीडियो-फोटो एक-एक करके सामने आ गए.
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किसी में वो त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव के साथ दिख रहे हैं. कभी भाजपा के अल्पसंख्यक विंग से जुडी नाज़िया इलाही खान के साथ तो कभी भाजपा के फायर नेता गिरिराज सिंह के साथ फोटो.
Zomato वाले मसले में तो संजीव शुक्ला बाकायदे मीडिया से बातचीत करते देखे जा रहे हैं. और बस संजीव शुक्ला ही नहीं. Zomato का परिधान पहने एक आदमी बड़ा नारे लगा रहा था. वो भी अपनी आइडेंटिटी में भाजपा पश्चिम बंगाल का कार्यकर्ता बृजनाथ वर्मा निकला.
इसके अलावा बनारस से जुड़े भाजपा कार्यकर्ता सुजीत गुप्ता भी इस समय हावड़ा में हैं, संभवतः Zomato के प्रतिरोध में हिस्सा लेने के लिए.
लेकिन इन बातों का ये मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि किसी कंपनी में काम करने वाला कोई व्यक्ति राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं हो सकता है. लेकिन Zomato का मसला हो या पश्चिम बंगाल का मसला, इस मसले पर भाजपा कार्यकर्ताओं-समर्थकों में एक उत्साह देखने को मिलता है. Zomato मसले में कंपनी को एकतरफा बताकर ऐप ही अनइंस्टाल करना शुरू कर दिया था और उसकी रेटिंग कमज़ोर करने लगे थे, और पश्चिम बंगाल का हाल तो कमोबेश तो आपको पता ही है. लेकिन फौरी तौर पर तो ऐसा लग रहा है कि लोकल नेता ज़ोमैटो कर्मचारियों को भड़का रहे हैं.
Zomato पहले भी बवाल का सामना कर चुकी है. एक आदमी ने Zomato से खाना इसलिए लेने से मना कर दिया था क्योंकि खाने की डिलीवरी देने वाला व्यक्ति मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखता था. इसके बाद Zomato ko सोशल मीडिया पर जबरदस्त समर्थन मिला था, और समर्थन कुछ बुलंद हो ही रहा था कि पश्चिम बंगाल से बीफ और पोर्क पर झाम फैल गया.

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