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भाजपा तोड़ेगी अपना बनाया नियम? फडणवीस बोले- ‘मोदी होंगे 2029 में PM के दावेदार’

उद्धव सेना के सांसद संजय राउत ने हाल ही में दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर 2025 में रिटायर हो सकते हैं, जिससे इस मुद्दे पर एक नई चर्चा |

भाजपा तोड़ेगी अपना बनाया नियम? फडणवीस बोले- ‘मोदी होंगे 2029 में PM के दावेदार’
फोटो: भाजपा तोड़ेगी अपना बनाया नियम? फडणवीस बोले- ‘मोदी होंगे 2029 में PM के दावेदार’
उद्धव सेना के सांसद संजय राउत ने हाल ही में दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर 2025 में रिटायर हो सकते हैं, जिससे इस मुद्दे पर एक नई चर्चा शुरू हो गई है। संजय राउत के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा कि क्या वाकई पीएम मोदी अपने पद से इस्तीफा देंगे। हालांकि, इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सामने आकर इन चर्चाओं को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी तलाशने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह हमारे नेता हैं और आगे भी बने रहेंगे। संजय राउत ने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र 75 वर्ष होने का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा में एक अनौपचारिक नियम है, जिसके तहत 75 वर्ष की उम्र के बाद पार्टी के नेता पद छोड़ सकते हैं। राउत ने यह भी कहा कि इस उम्र के बाद मोदी के अलावा कई अन्य मंत्री भी अपनी जिम्मेदारियां छोड़ सकते हैं। 

हालांकि, भाजपा ने इस बयान का खंडन किया और कहा कि ऐसा कोई आधिकारिक या अनौपचारिक नियम पार्टी में नहीं है। उदाहरण के तौर पर, भाजपा के कैबिनेट में 80 वर्ष की उम्र के नेता जीतनराम मांझी अभी भी मंत्री हैं। इसके अलावा, पार्टी में कई अन्य नेता हैं जिनकी उम्र 75 साल के आस-पास है, लेकिन वे अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस ने संजय राउत के इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि वह 2029 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से चुनाव जीतते और प्रधानमंत्री पद पर काबिज होते देखेंगे। उन्होंने आगे कहा, "हमारी भारतीय संस्कृति में यह माना जाता है कि जब तक पिता जीवित रहते हैं, तब तक उनके उत्तराधिकारी के बारे में चर्चा करना उचित नहीं होता। अभी इस पर चर्चा करने का कोई समय नहीं आया है।" फडणवीस ने इस जवाब में एक सांकेतिक तंज भी कसा, जिसमें उन्होंने औरंगजेब से संबंधित विवाद का संदर्भ दिया, जो पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में गरमाया हुआ था। 

 दरअसल, कुछ दिन पहले समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब के शासन की तारीफ की थी, जिसके बाद यह विवाद और भी तेज हो गया था। कुछ नेताओं ने तो यहां तक कहा था कि औरंगजेब के मकबरे को ढहा देना चाहिए। हालांकि, राज्य सरकार ने स्पष्ट किया था कि औरंगजेब का मकबरा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के तहत संरक्षित है और उस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को नागपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय का दौरा किया और वहां माधव नेत्रालय के एक परिसर का शिलान्यास किया। इसी यात्रा के संदर्भ में संजय राउत ने कहा था कि मोदी जी अपने उत्तराधिकारी के चयन की योजना बनाने के लिए नागपुर गए थे। 

राउत ने यह भी कहा था कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी महाराष्ट्र से कोई नेता होगा, और उनका विकल्प आरएसएस ही तय करेगा। इस बयान के बाद, देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी हमारे नेता हैं, और हम उन्हें 2029 में फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे, साथ ही यह भी कहा कि पार्टी में ऐसी किसी चर्चा का कोई आधार नहीं है। इस प्रकार, फडणवीस ने न केवल संजय राउत के दावों को नकारा, बल्कि उद्धव सेना और उनके नेताओं द्वारा की गई राजनीतिक चालों का कड़ा जवाब दिया और यह सुनिश्चित किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा मजबूत और एकजुट है।

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